लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के दौरान ढाका विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के विधायक Faisal Rahman की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और पिछली चुनावी जीत को लेकर फिर से सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान फैसल रहमान वोट डालने के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं होने लगीं।
दरअसल वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल की थी। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार Pawan Kumar Jaiswal को मात्र 178 वोटों के अंतर से पराजित किया था। यह जीत उस चुनाव की सबसे करीबी और चर्चित जीतों में से एक मानी गई थी।
फैसल रहमान एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता स्वर्गीय Motiur Rahman क्षेत्र के प्रभावशाली नेता रहे हैं और वे राज्यसभा सांसद के साथ-साथ विधायक भी रह चुके थे।
ढाका क्षेत्र के सपही गांव में जन्मे फैसल रहमान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री सर्वजीत हाई स्कूल भंडार से मैट्रिक तक प्राप्त की। वर्तमान में वे कृषि कार्यों और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं।
उनकी राजनीतिक यात्रा में कई उतार-चढ़ाव भी रहे हैं। वर्ष 2010 में उन्होंने Janata Dal (United) के टिकट पर पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार विधायक बनने में सफलता पाई। हालांकि 2020 के चुनाव में उन्हें भाजपा के पवन कुमार जायसवाल से हार मिली, लेकिन 2025 के चुनाव में उन्होंने वापसी करते हुए बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की और दोबारा विधानसभा पहुंचे।
चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 2.37 करोड़ रुपये बताई गई है और उन पर तीन आपराधिक मामले लंबित हैं। ढाका और घोड़ासहन क्षेत्र में उनका अच्छा जनाधार माना जाता है और वे सड़क, शिक्षा तथा ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते हैं।






