Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया।

नेशनल डेस्क, प्रीति पायल |

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में “कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम” के नेतृत्व में ऐसी स्थिति बन गई है, जहां शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा अपराध माना जा रहा है।

यह प्रतिक्रिया मुख्य रूप से युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हालिया गिरफ्तारी के संदर्भ में आई। ये कार्यकर्ता AI Impact Summit के दौरान अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों को “देशविरोधी” बताते हुए गिरफ्तार किया गया, जिसकी राहुल गांधी ने तीखी आलोचना की। 

उन्होंने सरकार की तुलना उत्तर कोरिया से करते हुए कहा, “यह भारत है, उत्तर कोरिया नहीं।” उनके अनुसार जब सत्ता खुद को ही राष्ट्र मानने लगे और असहमति को दुश्मनी समझा जाने लगे, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ने लगता है।

अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ऐसी दिशा में बढ़ रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साजिश समझा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर लाठीचार्ज, मुकदमे और जेल आम बात बनती जा रही है।

उन्होंने कई उदाहरण गिनाए:—

  • पेपर लीक से प्रभावित युवाओं के विरोध पर लाठीचार्ज,
  • महिला पहलवानों के आंदोलन को बदनाम कर जबरन हटाना,
  • बलात्कार पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को “असुविधा” बताकर समाप्त करना,
  • युवा कांग्रेस के यूएस ट्रेड डील विरोध को “देशविरोधी” बताकर गिरफ्तारी,
  • जहरीली हवा के खिलाफ उठी आवाज को “राजनीति” कहकर खारिज करना,
  • किसानों के आंदोलन को देशविरोधी बताकर आंसू गैस, रबर गोलियों और पानी की बौछारों का इस्तेमाल,
  • आदिवासियों द्वारा जल, जंगल, जमीन के अधिकार की मांग पर संदेह की नजर।

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है और सवाल पूछना उसकी ताकत। उनके अनुसार लोकतंत्र तभी सशक्त होता है जब सरकार आलोचना को सुने, जवाब दे और जवाबदेह बनी रहे।

यह पूरा विवाद हाल की घटनाओं से जुड़ा है, खासकर युवा कांग्रेस के “शर्टलेस प्रोटेस्ट” और AI समिट के दौरान हुए प्रदर्शन से। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, जबकि बीजेपी ने ऐसे प्रदर्शनों को “राष्ट्रीय शर्म” और “अराजकता फैलाने की कोशिश” करार दिया है।

राहुल गांधी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया।