इंटरनेशनल डेस्क, रानी कुमारी
पाकिस्तान के लाहौर में एक बार फिर 'अज्ञात हमलावरों' का खौफ देखने को मिला है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्य और कुख्यात आतंकी अमीर हमजा पर जानलेवा हमला हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर घात लगाए बैठे हमलावरों ने हमजा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी हालत अस्पताल में बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर आसानी से फरार होने में कामयाब रहे। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
अमीर हमजा को लश्कर-ए-तैयबा के शुरुआती और सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिना जाता है। उसने कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर संगठन की नींव रखी थी।वह संगठन के वैचारिक प्रचार-प्रसार का मुख्य चेहरा था। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी नेटवर्क के लिए फंड जुटाने में उसकी अहम भूमिका थी। वह पूर्व में अफगान मुजाहिदीन का हिस्सा भी रह चुका था।
अमीर हमजा न केवल हथियारों बल्कि अपनी लेखनी से भी भारत विरोधी जहर उगलने के लिए जाना जाता था। वह लश्कर की पत्रिका ‘मजल्लह अल-दावा’ का संपादक रहा और 2002 में उसने ‘काफिला दावत और शहादत’ नाम की किताब लिखी थी, जिसमें आतंकी विचारधारा और जिहाद को बढ़ावा दिया गया था।
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के भीतर लश्कर और जैश जैसे संगठनों के कई टॉप कमांडरों को अज्ञात हमलावरों ने इसी तरह निशाना बनाया है, जिससे आतंकी खेमे में हड़कंप मचा हुआ है।







