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विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार : राज्य में बनेंगे 725 नए हाट और बाजार

नेशनल डेस्क, आकाश अस्थाना | 

  • विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 447 हाट और 278 बाजार विकसित करने की तैयारी

  • तीन श्रेणी में बनाए जाएंगे हाट और बाजार, शेड, शौचालय-पेयजल के साथ जीविका दीदियों के लिए होंगी स्थाई दुकानें

पटना। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के तहत राज्य में कृषि, पशुधन, मत्स्य और दूसरे अत्पादों की बिक्री के लिए 725 हाट और बाजार विकसित किए जाएंगे। इसमें अलग-अलग श्रेणी के 447 हाट और 278 बजार होंगे। ग्रामीण स्तर पर हाट, बाजार विकसित करने की पूरी जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग की होगी।

447 हाट और 278 बाजार विकसित करने की तैयारी

विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार के अनुसार विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हाट-बाजार विकसित करने की योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रथम चरण के लिए निर्धारित श्रेणियों में 20-49 डिसमिल के 136 हाट, 73 बाजार, द्वितीय श्रेणी में 50-99 डिसमिल के 125 हाट, 96 बाजार और तृतीय श्रेणी के एक एकड़ या इससे अधिक क्षेत्रफल वाले 186 हाट और 109 बाजार विकसित किए जाएंगे।

तीन श्रेणी में बनेंगे हाट-बाजार, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी के हाट और बाजार में शेड के साथ 5 चबूतरा, शौचालय-पेयजल की सुविधा, जीविका दीदियों के लिए 3 स्थाई दुकान, मल्टी पर्पस स्टोर, गार्बेज डिस्पोजल पिट, द्वितीय श्रेणी के हाट, बाजार में शेड के साथ 13 चबूतरा, शौचालय-पेयजल की सुविधा, जीविका दीदियों के लिए 4 स्थाई दुकान, कार्यालय, मल्टी पर्पस स्टोर, गार्बेज डिस्पोजल पिट और तृतीय श्रेणी में शेड के साथ 16 चबूतरा, शौचालय-पेयजल की सुविधा, जीविका दीदियों के लिए 6 स्थाई दुकानें, कार्यालय और 2 मल्टीपर्पस स्टोर के साथ गार्बेज डिस्पोजल पिट का निर्माण किया जाएगा।
           
जीविका दीदियों के लिए स्थाई दुकानें, ई-नाम से जुड़ेंगे बाजार

उन्होंने बताया कि विकसित सभी हाट बाजारों को ई-नाम योजना से जोड़ने का काम कृषि विपणन निदेशालय करेगा। हाट और बाजार को विकसित किए जाने के बाद स्वामित्व वाले विभाग को जिला स्तरीय पदाधिकारी को हस्तानांतरित किया जाएगा। इसके लिए जिला पदाधिकारी स्तर पर एक समिति गठित की जाएगी। इस समिति में विकसित भारत-जी राम जी के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता, स्वामित्व वाले संबंधित विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी की ओर से मनोनीत वरीय उप समाहर्ता बतौर सदस्य होंगे।
        
किसानों और महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा स्थानीय बाजार

श्री पंकज कुमार ने बताया कि विकसित ग्रामीण हाट बाजार में निर्मित स्थाई दुकानों और दीदी की रसोई का आवंटन के संबंध में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी निर्णय लेंगे। ग्रामीण स्तर पर बनाए गए हाट, बाजार की रख-रखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी स्वामित्व वाले विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि बिहार में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। 

 इस योजना के तहत करीब एक करोड़ 80 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपए की किस्त भेजी जा चुकी है। महिलाओं के हाथों शुरू रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में समीक्षा उपरांत सरकार अतिरिक्त राशि का भुगतान करेगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण हिस्सों में तैयार हाट और बाजार से किसानों और महिलाओं के हाथों तैयार उत्पादों का विपणन कार्य आसान होगा और स्थानीय स्तर पर मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
 
बिहार सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाट-बाजारों का विकसित करेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। इसका छोटे किसानों और व्यापारियों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा।
श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री, बिहार सरकार।