नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
हैदराबाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अगले एक साल तक विदेश यात्रा और सोने के आभूषणों की खरीदारी से परहेज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशहित को प्राथमिकता देते हुए नागरिकों को जिम्मेदार व्यवहार अपनाना चाहिए।
रविवार को आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय आर्थिक अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे संकटों का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारत को अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए विदेशी मुद्रा बचाने पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि विदेश घूमने और छुट्टियां मनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को कम से कम एक वर्ष तक विदेश यात्राओं को टालने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में भी घूमने और पर्यटन के लिए अनेक सुंदर और महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं, जहां लोग समय बिता सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोने की खरीदारी में भी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले संकट और युद्ध के समय लोग देशहित में सोना दान तक कर देते थे। उन्होंने कहा कि आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन नागरिकों को यह संकल्प लेना चाहिए कि किसी भी समारोह या कार्यक्रम के लिए सोने के गहनों की खरीदारी से बचेंगे।
उन्होंने लोगों से ईंधन की खपत कम करने की भी अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हैं, वहां उनका अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। इसके साथ ही निजी वाहनों के बजाय कार-पूलिंग अपनाने और माल ढुलाई के लिए रेलवे परिवहन को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
मोदी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कहते हुए कहा कि इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने स्तर पर ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर बलिदान देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी निभाने और देशहित में जीवनशैली में बदलाव लाने से भी जुड़ी होती है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस चुनौतीपूर्ण दौर में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संयम और सहयोग की भावना के साथ आगे आएं।







