Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

वृंदावन में आध्यात्मिक रंग में दिखे विराट-अनुष्का

स्टेटडेस्क,श्रेयांश पराशर l

मथुरा/वृंदावन: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में भाग लिया। इस बार उनकी यात्रा निजी मुलाकात तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों सामान्य श्रद्धालुओं की तरह भक्तों के बीच बैठे नजर आए। उनकी सादगी और शांत व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।

सूत्रों के अनुसार, दंपती मंगलवार सुबह आश्रम पहुंचे और एक घंटे से अधिक समय तक वहां रुके। इस दौरान उन्होंने महाराज के प्रवचन सुने और आध्यात्मिक चर्चा में भाग लिया। बताया जाता है कि कोहली हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मानसिक शांति और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं। वृंदावन की यह यात्रा भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

जानकारी यह भी सामने आई कि दोनों बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के आश्रम पहुंचे। उन्होंने आम श्रद्धालुओं के साथ बैठकर सत्संग सुना, जिससे उनकी सादगी की चर्चा होने लगी। पहले भी वे संत से एकांत में मिलते रहे हैं, लेकिन इस बार सार्वजनिक सत्संग में शामिल होना अलग माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उनके आगमन की पूर्व सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि धीरे-धीरे खबर फैलने पर उत्सुक श्रद्धालु सत्संग स्थल के आसपास जुटने लगे। इसके बावजूद माहौल शांत और व्यवस्थित बना रहा। प्रवचन के दौरान महाराज ने ‘दीक्षा’ और ‘शरणागति’ के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसे दोनों ने ध्यान से सुना।

आध्यात्मिक नगरी में उनकी मौजूदगी ने एक बार फिर यह दिखाया कि प्रसिद्धि और व्यस्त जीवन के बीच भी शांति की तलाश लोगों को अध्यात्म की ओर खींचती है। स्थानीय स्तर पर इस यात्रा को लेकर काफी चर्चा रही। वहीं मथुरा क्षेत्र में इसे एक खास आध्यात्मिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।