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शिक्षक हितों की बुलंद आवाज़ बने डॉ. राहुल राज

लोकल डेस्क, रवि शंकर मिश्रा |

चुनावी परिदृश्य में उस समय नया उत्साह देखने को मिला, जब भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं शिक्षाविद् व लोकप्रिय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने मोतिहारी में शिक्षकों, प्राचार्यों एवं शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया। पूरे कार्यक्रम में शिक्षकों का उत्साह, विश्वास और सहभागिता चर्चा का विषय रहा। बैठक में उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षक नेताओं एवं शिक्षकों ने पुरजोर समर्थन करते हुए एक स्वर में कहा कि डॉ. राहुल राज केवल चुनावी वादों के नेता नहीं, बल्कि वर्षों से शिक्षक समाज की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुँचाकर उनके समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले समर्पित शिक्षाविद् हैं। शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि बिना किसी संवैधानिक पद पर रहते हुए भी डॉ. राहुल राज ने प्रोन्नति, एचआरए, एरियर भुगतान, सेवा शर्तों, स्थानांतरण, प्रभारी नियुक्ति तथा अन्य लंबित मामलों को लगातार उठाया है। उनका यह संघर्ष बताता है कि वे शिक्षक समाज के सुख-दुःख के सच्चे सहभागी हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने कहा, आज शिक्षक समाज ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहे। डॉ. राहुल राज ने अपने कार्यों से यह विश्वास अर्जित किया है। हमें विश्वास है कि उनका नेतृत्व शिक्षकों की आवाज़ को नई मजबूती देगा। संघ के उपाध्यक्ष नज़बुल्ला खां ने कहा, डॉ. राहुल राज की सबसे बड़ी पहचान उनकी सहजता, सक्रियता और शिक्षक सम्मान के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता है। उन्होंने हर मंच पर शिक्षकों के अधिकारों की आवाज़ बुलंद की है और भविष्य में भी यही संघर्ष जारी रहेगा। वरिष्ठ शिक्षक नेता प्रमोद राम ने कहा, डॉ. राहुल राज ने यह साबित किया है कि शिक्षक हित केवल भाषणों से नहीं, बल्कि निरंतर संघर्ष और प्रभावी पहल से सुरक्षित होते हैं। शिक्षक समाज उनके नेतृत्व में स्वयं को अधिक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करता है। इस अवसर पर उपस्थित कई प्राचार्यों ने कहा कि डॉ. राहुल राज ने विद्यालयों तक पहुँचकर शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष HRA की समान व्यवस्था, लंबित प्रोन्नति, एरियर भुगतान, वित्त रहित शिक्षकों की लंबित मांग, प्रभारी नियुक्ति सहित अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी मजबूती से रखा। यह उनकी कार्यशैली को दर्शाता है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम देने की सोच रखते हैं। अपने संबोधन में डॉ. राहुल राज ने कहा कि शिक्षक समाज का विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक समाज का आशीर्वाद मिला तो सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हर समस्या को विधान परिषद से लेकर सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पूरी मजबूती से उठाया जाएगा और समाधान तक निरंतर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। मेरा संकल्प है कि शिक्षक समाज को सम्मान, सुरक्षा, अधिकार और न्याय मिले। मैं हर शिक्षक की आवाज़ बनकर सदन में मजबूती से खड़ा रहूँगा। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित प्राचार्यों, शिक्षक नेताओं एवं शिक्षकों ने डॉ. राहुल राज के नेतृत्व में शिक्षक हितों की इस मुहिम को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। उपस्थित शिक्षकों ने विश्वास व्यक्त किया कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को ऐसा प्रतिनिधित्व मिलना समय की आवश्यकता है, जो संघर्षशील, संवेदनशील और समाधान-केंद्रित हो।।