नेशनलडेस्क,श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते देश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव से बड़ी संख्या में किसानों की आमदनी दोगुनी-तिगुनी हुई है।
प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने खेती को लाभकारी बनाने के लिए एक वर्ष में दो से तीन फसलें लेने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसके परिणामस्वरूप कई किसानों की आय चार से आठ गुना तक बढ़ने के उदाहरण भी सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कृषि बजट को बढ़ाकर 1.30 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जबकि कृषि से जुड़े अन्य विभागों और योजनाओं को मिलाकर यह आंकड़ा 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर एमएसपी तय करती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। गेहूं, धान, दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों की रिकॉर्ड खरीद एमएसपी पर की जा रही है, जिससे किसानों की आय को स्थिरता मिल रही है।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए सरकार की तत्परता का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में हालिया भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए 14 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में स्थानांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में अन्नदाता के साथ खड़ी है।
फसल बीमा योजना में सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि पहले बीमा प्रीमियम दर 16.7 प्रतिशत थी, जिसे घटाकर 10.2 प्रतिशत कर दिया गया है। अब तक 15 करोड़ 15 लाख किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया है और 622 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जा चुका है। साथ ही, बीमा दावों के निपटान के लिए 21 दिनों की समय सीमा तय की गई है, देरी होने पर कंपनियों को 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा।







