स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
चंडीगढ़। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले अमृतसर–दिल्ली रेलवे मार्ग पर हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सरहिंद रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर खनौरी गांव के पास हुई इस घटना की जिम्मेदारी एक खालिस्तानी चरमपंथी संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए ली है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की गहन जांच जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह धमाका शुक्रवार देर शाम करीब 9:50 बजे हुआ, जब एक मालगाड़ी सरहिंद–खनौरी रेलवे क्रॉसिंग के पास से गुजर रही थी। विस्फोट रेलवे ट्रैक पर हुआ, जिससे इंजन को नुकसान पहुंचा और ट्रैक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके में लोकोमोटिव पायलट घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा।
धमाके के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पत्र सामने आया, जिसमें एक खालिस्तानी चरमपंथी समूह ने विस्फोट की जिम्मेदारी लेते हुए इसे “चेतावनी” करार दिया और आगे भी हमलों की धमकी दी। अधिकारियों का कहना है कि पत्र की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और प्रारंभिक स्तर पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि विस्फोट में उच्च श्रेणी के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। घटना स्थल पर पंजाब पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों की कई टीमें तैनात की गईं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके का दौरा कर जांच की निगरानी की और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया।
धमाके के बाद पंजाब के रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर आवश्यक सुरक्षा जांच के बाद मालगाड़ी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







