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सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होंगे 8 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी

नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर इस बार देशभर में बड़ी तैयारी की गई है। आयोग के अनुसार इस वर्ष आठ लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या और परीक्षा केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यूपीएससी ने तीन नए परीक्षा केंद्र जोड़ने का फैसला किया है। नए केंद्र भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में बनाए गए हैं।

आयोग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इन नए केंद्रों के जुड़ने के बाद अब देशभर में प्रारंभिक परीक्षा केंद्रों की कुल संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है।

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) समेत विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में चयन के लिए इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन करने के कारण आयोग ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, निगरानी और यातायात नियंत्रण को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने राज्य प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की है।

अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश व्यवस्था, पहचान जांच और जरूरी सुविधाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। आयोग ने उम्मीदवारों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल बढ़ती प्रतिस्पर्धा यह दिखाती है कि युवाओं के बीच सिविल सेवा को लेकर आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। वहीं अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों के जुड़ने से कई राज्यों के अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और लंबी दूरी तय करने की समस्या भी कम होगी।

माना जा रहा है कि इस बार परीक्षा में रिकॉर्ड संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी के कारण यूपीएससी और प्रशासन के लिए व्यवस्थाओं को संभालना बड़ी चुनौती रहेगा। हालांकि आयोग ने भरोसा जताया है कि सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी और परीक्षा निष्पक्ष तथा सुचारु तरीके से आयोजित की जाएगी।