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सुधारवादी बजट से निजी क्षेत्र में जगी उम्मीद: अशोक टेमानी

लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

बीरगंज: नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष एवं कार्यसमिति सदस्य मधेश प्रदेश अशोक टेमानी ने सरकार द्वारा प्रस्तुत आर्थिक वर्ष 2026-2027 के बजट को निजी क्षेत्र, निवेश, पूंजी बाजार और प्रौद्योगिकी केंद्रित सुधारवादी बजट बताया है।

टेमानी के अनुसार बजट में शामिल कर सुधार, विदेशी निवेश को सरल बनाने की नीति, पूंजी बाजार के आधुनिकीकरण तथा तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रावधान दीर्घकालीन रूप से अर्थव्यवस्था को सकारात्मक दिशा देने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को 10 लाख रुपये तक बढ़ाना तथा अधिकतम आयकर दर कम करना मध्यम और उच्च आय वर्ग के लिए राहतकारी कदम है। इससे निजी निवेश और उपभोग क्षमता में वृद्धि होने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की निर्यात आय पर 50 प्रतिशत कर छूट तथा IT कर्मचारियों को Sweat Equity पर कर छूट दिए जाने से नेपाल को भविष्य में टेक हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

टेमानी ने कृषि प्रसंस्करण उद्योग को 10 वर्षों तक कर छूट देने की घोषणा को कृषि उद्योग में बड़े निवेश आकर्षित करने वाला कदम बताया। साथ ही पुराने कर विवादों को सुलझाने के लिए लाई गई कर विवाद समाधान योजना को भी व्यवसायियों के लिए राहतकारी बताया।

पूंजी बाजार सुधार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा Intraday Trading, Short Selling और Derivatives कारोबार शुरू करने की घोषणा महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे नेपाल का पूंजी बाजार आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनेगा। Insider Trading और Share Cornering के खिलाफ सख्ती को उन्होंने बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों के विश्वास के लिए सकारात्मक कदम बताया।

गैरआवासीय नेपाली (NRN) को द्वितीयक शेयर बाजार में प्रवेश देने तथा नेपाली कंपनियों को GDR जारी करने की अनुमति मिलने से अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजार तक पहुंच बढ़ेगी। इसके अलावा P2P Lending और Credit Scoring प्रणाली वैकल्पिक वित्तीय पहुंच को मजबूत करेगी।

विदेशी निवेश और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के संदर्भ में LLP कानून लाने की घोषणा को उन्होंने Angel Investment, Venture Capital और Private Equity के लिए कानूनी आधार तैयार करने वाला कदम बताया। FDI स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाना, नेपाल राष्ट्र बैंक की पूर्वस्वीकृति हटाना तथा Convertible और Hybrid Instruments को FDI के दायरे में शामिल करना आधुनिक निवेश प्रणाली के अनुरूप बताया।

सरकार द्वारा घोषित “Investment Express” प्रणाली और Hedging सेवा विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में सहायक होगी।

ऊर्जा, तकनीक और पूर्वाधार क्षेत्र में AI Compute Center स्थापना की योजना, निजी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बिजली व्यापार की अनुमति तथा कृषि और पशुपालन क्षेत्र में 40 प्रतिशत पूंजी अनुदान को भी उन्होंने सकारात्मक पहल बताया। पर्यटन क्षेत्र में उच्चस्तरीय होटल और रिसोर्ट को प्रोत्साहन तथा नेपाल टेलिकॉम सहित सरकारी कंपनियों के शेयर बिक्री की योजना से बाजार में नए अवसर पैदा होंगे।

हालांकि टेमानी ने बजट के कार्यान्वयन पक्ष को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि अतीत में भी कई सुधारवादी घोषणाएं हुईं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका। इस बार सरकार को कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक कर छूट से सरकारी राजस्व पर दबाव पड़ सकता है तथा आयकर दर घटने से अल्पकाल में राजस्व संग्रह प्रभावित हो सकता है। इसी तरह पर्याप्त तैयारी के बिना Short Selling और Derivatives जैसे उपकरण लागू करने से छोटे निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

विदेशी निवेश को आसान बनाए जाने के बावजूद राजनीतिक अस्थिरता, नीतिगत बदलाव और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण निवेशक अब भी हिचकिचा सकते हैं। AI Compute Center जैसी परियोजनाओं के लिए बड़े निवेश, दक्ष जनशक्ति और मजबूत डिजिटल पूर्वाधार की आवश्यकता भी चुनौती बनी हुई है।

टेमानी ने समग्र रूप से इस बजट को निजी क्षेत्र, पूंजी बाजार, विदेशी निवेश, प्रौद्योगिकी और उद्यमशीलता को प्राथमिकता देने वाला सुधारवादी बजट बताते हुए कहा कि इसकी वास्तविक सफलता कार्यान्वयन क्षमता, राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक सुधार पर निर्भर करेगी।