स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
भुवनेश्वर (ओडिशा)। राज्यसभा चुनाव में ओडिशा कांग्रेस की पहली बार की विधायक सोफिया फिरदौस ने पार्टी की लाइन तोड़ते हुए भाजपा समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप रे को वोट दे दिया। इस क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस ने सोफिया समेत तीन विधायकों को तुरंत सस्पेंड कर दिया, जिससे पार्टी में हलचल मच गई है।
राज्यसभा चुनाव के दौरान ओडिशा में NDA को बड़ा फायदा हुआ। तीन कांग्रेस विधायकों—रमेश जेना, दासरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस—ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में वोट डाला। कांग्रेस की ओर से जारी सस्पेंशन पत्र में साफ कहा गया कि इन नेताओं ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया। राज्य कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कांग्रेस को धोखा देने वाले देश को धोखा देते हैं।”
सबसे चर्चित नाम सोफिया फिरदौस का है। 2024 में पहली बार विधायक बनीं इस युवा नेता ने दो दिन पहले ही पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई थी। कांग्रेस ने बीजेडी उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला लिया था, लेकिन सोफिया का कहना था कि न तो विधायकों से सलाह ली गई और न ही उनकी राय पूछी गई। उन्होंने बीजेडी को भाजपा का ‘बी-टीम’ बताया, जो वक्फ बिल जैसे मुद्दों पर भाजपा का साथ देता रहा। इसलिए वोटिंग के दिन उन्होंने ‘ए-टीम’ यानी भाजपा समर्थित उम्मीदवार को चुना।
सोफिया फिरदौस कौन हैं?
सोफिया फिरदौस 23 अगस्त 1991 को पैदा हुईं। वे ओडिशा विधानसभा की पहली महिला ओड़िया मुस्लिम विधायक हैं और मिलेनियल पीढ़ी का हिस्सा। बाराबाती-कटक सीट से वे कांग्रेस टिकट पर चुनी गईं। उनका परिवार पहले से राजनीति में सक्रिय है। पिता मोहम्मद मोकीम इसी सीट से पिछले कार्यकाल में विधायक थे, लेकिन 2024 चुनाव से पहले ओडिशा हाईकोर्ट के फैसले के चलते वे चुनाव नहीं लड़ सके। कांग्रेस ने तब टिकट उनकी बेटी सोफिया को सौंपा।
शिक्षा की बात करें तो सोफिया ने कटक के सेंट जोसेफ गर्ल्स हाई स्कूल और रावेनशॉ जूनियर कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद भुवनेश्वर के कीआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और 2022 में आईआईएम बेंगलुरु से एक्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा किया। राजनीति में आने से पहले वे उद्यमी थीं। मेट्रो ग्रुप में डायरेक्टर के रूप में काम किया और रियल एस्टेट व एसेट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाई। 2015 से वे बिजनेसमैन शेख मेराजुल हक से शादीशुदा हैं।
2024 चुनाव में जीत
अपनी पहली राजनीतिक परीक्षा में सोफिया ने भाजपा के पूर्ण चंद्र महापात्र को 8001 वोटों से हराया। अपनी चुनावी हलफनामे में उन्होंने 5.24 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की।
यह क्रॉस वोटिंग न सिर्फ ओडिशा कांग्रेस को झटका दे रही है, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में बहस छेड़ चुकी है। सोफिया जैसे युवा और अल्पसंख्यक चेहरे का यह कदम पार्टी के लिए अप्रत्याशित रहा।







