नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस योजना को आम लोगों के लिए “धोखा” करार देते हुए इसके दावों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और सरकार की ओर से 97 प्रतिशत परियोजनाओं के पूरा होने का दावा किया गया है। हालांकि, उनका कहना है कि जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है और आम नागरिकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के तहत शहरों के समग्र विकास के बजाय सीमित क्षेत्रों में काम किया गया, जिसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया गया। गांधी ने कहा कि जब तक नागरिकों को साफ पानी, स्वच्छ हवा और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक किसी शहर को “स्मार्ट” नहीं कहा जा सकता।
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इस योजना से लोगों के जीवन स्तर में कितना सुधार हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई जगहों पर आज भी दूषित पानी, खुले सीवर, गिरते पुल और खराब सड़कों की समस्या बनी हुई है।
वहीं, सरकार इस योजना को शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम बताती रही है, लेकिन विपक्ष के आरोपों के बाद इसकी प्रभावशीलता पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।







