Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

स्वामी विवेकानंद जी की 124वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

लोकल डेस्क, ऋषि राज।

  • अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने का किया आह्वान... 

रक्सौल: शनिवार को भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल के तत्वावधान में  स्वामी विवेकानंद की 124वीं पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान एवं प्रेरणा के वातावरण में मनाई गई। शहर के लक्ष्मीपुर स्थित महाराजा बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वन्दे मातरम् गीत के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सदस्यों ने भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं राष्ट्रवाद के अमर प्रतीक थे। उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों से संपूर्ण विश्व को भारतीय संस्कृति का वास्तविक स्वरूप बताया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करना है तो प्रत्येक युवा को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों, अनुशासन, चरित्र, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रसेवा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद स्वामीजी के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

शाखा सचिव नरेश कुमार एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में मार्गदर्शक हैं तथा प्रत्येक युवा को उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

संस्कार संयोजक नीतेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद माँ भारती के अनन्य उपासक एवं युवाशक्ति के प्रेरणापुंज थे। उनके आदर्शों का अनुसरण कर ही भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हो सकता है।

संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया एवं संगठन सचिव अजय कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके सिद्धांतों, आदर्शों एवं राष्ट्रसेवा के संदेश को अपने जीवन में उतारते हुए समाज और राष्ट्र के समग्र विकास के लिए सतत कार्य करें।

कार्यक्रम में योगेन्द्र प्रसाद, नरेश कुमार, सुनील कुमार, उमेश सिकारिया, बिमल कुमार सर्राफ, विजय कुमार साह, दिनेश प्रसाद, विनोद कुमार, अरविन्द जायसवाल, सुरेश धानोठिया, प्रशांत कुमार, अजय कुमार, विनोद रौनियार, सुनील कुमार, जीतेन्द्र चौरसिया, विवेक चौरसिया, प्रतीक कुमार, अनुज कुमार सहित परिषद के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की जानकारी संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने संयुक्त रूप से दी है।