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हमास के डिप्टी कमांडर सलाह अल-दिन जारा इजरायली हमले में मारा गया: IDF

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध के बीच गाजा से एक बड़ी खबर सामने आई है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि उसने हमास के एक वरिष्ठ कमांडर सलाह अल-दिन जारा को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 24 जुलाई को एक सैन्य ऑपरेशन के तहत की गई थी, जिसमें हमास की अल-फुर्कान बटालियन का यह डिप्टी कमांडर मारा गया।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऑपरेशन

IDF ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह ऑपरेशन गाजा पट्टी के मध्य क्षेत्र में किया गया, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर हमास के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया था। उसी दौरान सलाह अल-दिन जारा एक कमांड पोस्ट में मौजूद था, जिसे मिसाइल हमले में ध्वस्त कर दिया गया। IDF ने अपने बयान में कहा,
"सलाह अल-दिन जारा लंबे समय से हमास की आतंकी गतिविधियों में शामिल था और उसने इजरायली नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ कई हमलों की योजना बनाई थी। उसकी मौत हमास की सैन्य क्षमताओं के लिए बड़ा झटका है।"
सलाह अल-दिन जारा हमास की सैन्य शाखा अल-कसम ब्रिगेड की एक उप-इकाई अल-फुर्कान बटालियन का डिप्टी कमांडर था। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, वह पिछले एक दशक से हमास के भीतर रणनीतिक और सामरिक भूमिकाओं में सक्रिय था। उसे गाजा के अंदर सुरंगों के निर्माण, रॉकेट हमलों की रणनीति और हथियारों की तस्करी का प्रमुख योजनाकार माना जाता था।

गाजा में बढ़ती हिंसा

IDF के इस ऑपरेशन के बाद गाजा पट्टी में हिंसा और तेज हो गई है। हमास की ओर से रॉकेट दागे जाने की खबरें भी आई हैं, जिनमें से कई को इजरायल के आयरन डोम सिस्टम ने बीच में ही नष्ट कर दिया। वहीं इजरायल ने भी गाजा के विभिन्न हिस्सों पर हवाई हमले किए हैं, जिनमें कई इमारतें और सुरंगें तबाह हो चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस बढ़ते संघर्ष को लेकर गहरी चिंता जता चुकी हैं। हालांकि IDF ने अपने बयान में कहा है कि उसका उद्देश्य सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना है और नागरिकों की सुरक्षा उसका पहला कर्तव्य है। हमास के एक वरिष्ठ कमांडर की मौत से इजरायल और गाजा के बीच तनाव और गहराने की आशंका है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में हमास बदला लेने की कोशिश कर सकता है, जिससे यह संघर्ष और अधिक भीषण हो सकता है। यह घटना उस समय हुई है जब पश्चिम एशिया पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और मानवाधिकार संकट से जूझ रहा है। IDF और हमास के बीच यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों के लिए भी बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।