एंटरटेनमेंटडेस्क,श्रेयांश पराशर l
मुंबई। भारतीय सिनेमा की बड़ी निर्माण कंपनी होम्बले फिल्म्स ने अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केजीएफ चैप्टर 1, केजीएफ चैप्टर 2, कांतारा, कांतारा चैप्टर 1, सालार और महावतार नरसिंह जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से पहचान बना चुकी कंपनी ने आधिकारिक तौर पर ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन यानी विदेशी धरती पर फिल्मों के वितरण की घोषणा कर दी है।
कंपनी का यह रणनीतिक विस्तार उसके विकास यात्रा का अहम अध्याय माना जा रहा है। अब तक होम्बले फिल्म्स ने बड़े पैमाने पर ऐसी फिल्मों का निर्माण किया है, जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया बल्कि भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाई। विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के दर्शकों तक पहुंचने वाली इन फिल्मों ने कंटेंट की ताकत को साबित किया है।
विदेशी वितरण के क्षेत्र में उतरकर कंपनी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे अपनी पकड़ मजबूत करना है। इससे भारतीय फिल्मों को दुनिया भर में बेहतर स्क्रीन, व्यापक रिलीज और सशक्त प्रमोशन मिल सकेगा। साथ ही, विदेशी दर्शकों तक भारतीय कहानियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारतीय फिल्म उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे कंटेंट-ड्रिवन और पैन-इंडिया फिल्मों को वैश्विक मंच पर नई ऊर्जा मिलेगी। होम्बले फिल्म्स का फोकस अब एक मजबूत और सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क खड़ा करने पर है, जिससे आने वाली परियोजनाओं को सीधे वैश्विक बाजार में उतारा जा सके।
कंपनी की इस पहल को भारतीय सिनेमा के ग्लोबल विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







