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होर्मुज संकट बढ़ा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर संभव

विदेश डेस्क,श्रेयांश पराशर l

जिनेवा। विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एक नई चिंता सामने आई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो दुनिया को कोविड-19 जैसी आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने से तेल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।

डब्ल्यूईएफ ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रमुख अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि पिछले कुछ सप्ताहों में वैश्विक आर्थिक माहौल तेजी से कमजोर हुआ है। करीब 90 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 12 महीनों में वैश्विक आर्थिक विकास दर धीमी रह सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार की रुकावट से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इससे परिवहन, उद्योग और उपभोक्ता वस्तुओं की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फिलहाल वैश्विक मंदी की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन यदि संकट लंबा खिंचता है तो कई देशों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। डब्ल्यूईएफ ने सरकारों से आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर निवेश बढ़ाने और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की अपील की है, ताकि संभावित आर्थिक संकट से बचा जा सके।