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10 साल में 138 जिंदगियां बचीं, आईजीआईएमएस ने किडनी ट्रांसप्लांट में रचा नया इतिहास

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

एक दशक में 138 मरीजों को नई जिंदगी, आईजीआईएमएस में किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता

- आईजीआईएमएस में किडनी ट्रांसप्लांट मीट-2026 का आयोजन
- स्वास्थ्य मंत्री के हाथों हुआ एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री और रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम सुविधा का शुभारंभ

पटना, विश्व किडनी दिवस और किडनी ट्रांसप्लांट मीट-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इंदिरा गांधी चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के पदाधिकारी और डॉक्टरों को बधाई दी। यह बधाई उन्होंने संस्थान में एक दशक पहले शुरू किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया और उसकी सफलता को लेकर रविवार को दी।
        
स्वास्थ्य मंत्री ने नवाचार पर दिया जोर

आईजीआईएमएस के मुख्य ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संस्थान में आज से करीब 10 वर्ष पहले किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस एक दशक में 138 मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि की बात है। उन्होंने कहा कि संस्थान के पदाधिकारों को यह विचार करना चाहिए कि मरीजों के इलाज में सुविधा को और कैसे व्यवस्थित किया जाय। किडनी ट्रांसप्लांट में किसी उच्च स्तरीय ट्रेनिंग की जरूरत है तो यहां के चिकित्सकों को देश-विदेश के बड़े संस्थानों में जाना चाहिए। इससे इलाज में जहां विश्वसनीयता बढ़ेगी वहीं परिणाम भी काफी अच्छे होंगे। 

रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम और एनेस्थीसिया सिमुलेशन लैब की शुरुआत     

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक उपकरण और दूसरी सुविधाओं के विकास में संस्थान को राज्य सरकार से पूरा सहयोग दिया जाएगा। इसी क्रम में उन्होंने संस्थान में एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री और रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक संजीव चौरसिया, संस्थान के डायरेक्टर डायरेक्टर डॉ. बिंदे कुमार, डॉ. ओम कुमार, डॉ. एनआर विश्वास, अमिताभ सिंह के साथ नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के फैकल्टी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।