स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह।
पटना: बिहार सरकार ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सभी 13 परंपरागत विश्वविद्यालयों के लिए 999.84 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन, पेंशन और अन्य सेवांत लाभों के भुगतान के लिए उपलब्ध कराई गई है।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई इस राशि से मार्च 2026 से मई 2026 तक के वेतन और पेंशन संबंधी भुगतान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे विश्वविद्यालयों में वित्तीय संकट कम होगा और कर्मचारियों को समय पर उनका बकाया भुगतान मिल सकेगा। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद से यह राशि जारी की गई है। इसका लाभ राज्य के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों के साथ-साथ उनसे संबद्ध अंगीभूत महाविद्यालयों, अल्पसंख्यक तथा घाटानुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को भी मिलेगा। जारी धनराशि में विभिन्न विश्वविद्यालयों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग आवंटन किया गया है। सबसे अधिक राशि मगध विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को दी गई है। वहीं पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
इस राशि के जारी होने से विश्वविद्यालयों में लंबे समय से लंबित वेतन और पेंशन भुगतान की समस्या काफी हद तक दूर होगी। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में भी गति आएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार लगातार उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार और संस्थानों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है। विश्वविद्यालयों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।







