Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

18 इमारतें जमींदोज, 3 की मौत... रूस ने यूक्रेन पर किया भीषण हमला, 48 ड्रोन और मिसाइलों से मचाई तबाही

ऋषि राज |

यूक्रेन पर रूस के हमलों की श्रृंखला थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर खारकीव पर एक भीषण हमला किया, जिसमें 18 बहुमंजिला इमारतें, 13 निजी मकान, और कई अन्य ढांचों को गंभीर नुकसान पहुंचा। इस हमले में अब तक 3 लोगों की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

 कैसे हुआ हमला?

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी सेना ने शनिवार को तड़के करीब 4 बजे खारकीव पर यह हमला किया।
खारकीव के मेयर इगोर टेरेखोव ने बताया कि:
"रूस ने इस हमले में 48 'शहीद ड्रोन', 2 मिसाइलें और 4 एरियल ग्लाइड बम का इस्तेमाल किया। यह हाल के दिनों का सबसे व्यापक हमला है।"

ड्रोन और मिसाइलों की यह बमबारी इतनी भीषण थी कि पूरा इलाका धुएं से भर गया। कई इमारतों में भीषण आग लग गई, और राहत व बचाव कार्यों में भी काफी बाधाएं आईं।

क्षति का विस्तृत विवरण:

  • 18 बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गईं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुईं।
  • 13 निजी घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
  • एक बाजार क्षेत्र, स्कूल, और दो अस्पताल भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं।
  • अब तक 3 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

रूस की रणनीति क्या है?

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूस इन दिनों विशेष रूप से ड्रोन और एरियल ग्लाइड बम का उपयोग कर रहा है, ताकि सटीक निशाना साधा जा सके और बुनियादी ढांचे को ठप किया जा सके।
रूस की यह कार्रवाई यूक्रेन द्वारा हाल ही में रूस के बेलगोरोड क्षेत्र में किए गए ड्रोन हमले का जवाबी कदम मानी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:

अब तक संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने इस हमले की निंदा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा:
"रूस द्वारा नागरिक आबादी पर बार-बार इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन हैं। हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं।"
स्थानीय लोगों की आपबीती:
खारकीव निवासी एलिना होरोडेंको ने बताया:
"सुबह-सुबह अचानक भयानक आवाज आई। खिड़कियां टूट गईं, दीवारें हिल गईं। हमें कुछ समझ ही नहीं आया। सब लोग डर के मारे बाहर भागने लगे।"
रात के समय हुए इस हमले के कारण अधिकतर लोग अपने घरों में थे, जिससे नुकसान की आशंका और भी बढ़ गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
यूक्रेनी आपात सेवा के अनुसार, मलबे में अब भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। करीब 200 से अधिक बचावकर्मी मलबा हटाने और घायलों को निकालने में जुटे हैं। वहीं, सेना ने ड्रोन अटैक के खतरे के चलते पूरे खारकीव में अलर्ट जारी किया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, लेकिन युद्ध की भयावहता कम होने की बजाय और भी विनाशकारी रूप ले रही है। खारकीव जैसे प्रमुख शहरों पर इस प्रकार का हमला युद्ध की क्रूरता को दर्शाता है। यह हमला न केवल मानवता पर हमला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है।