स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली, देश के 19 से अधिक राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई हिस्सों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बिहार और अंडमान क्षेत्र में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बदलते मौसम के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जबकि न्यूनतम तापमान में लगभग 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इससे दिन में गर्मी और रात में अपेक्षाकृत हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इस अवधि में राजधानी का आसमान सामान्य रूप से साफ बना रहा, हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार तापमान में आगे भी परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
आईएमडी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी सामान्य प्रगति जारी रखते हुए दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व हिस्सों, अंडमान सागर के अधिकांश क्षेत्रों तथा संपूर्ण निकोबार द्वीप समूह में दस्तक दे दी है। इसके साथ ही मानसून अंडमान द्वीप समूह के कुछ इलाकों और श्री विजयपुरम तक पहुंच गया है, जिसे मानसून की प्रगति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले केरल पहुंच सकता है। विभाग के मुताबिक 26 मई के आसपास मानसून केरल में प्रवेश कर सकता है, हालांकि इसमें चार से पांच दिनों का अंतर संभव है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो मानसून का समय से पहले आगमन कृषि गतिविधियों और खरीफ फसलों की तैयारी के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआती दस्तक किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि समय पर या उससे पहले होने वाली बारिश खेती-किसानी की तैयारियों को गति देती है। वहीं मौसम विभाग ने लगातार बदल रहे हालात को देखते हुए नागरिकों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।







