नेशनल डेस्क, प्रीति पायल |
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मंगलवार को 'प्रगति' (PRAGATI) परियोजना का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य देशभर में 20 हजार कृषि-उद्यमियों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना और लगभग 20 लाख छोटे एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण तथा बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव, किसान और कृषि क्षेत्र समृद्ध होंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'प्रगति' परियोजना के तहत प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी गांवों में किसानों के साथ सीधे काम करेंगे और उन्हें आधुनिक खेती, मृदा परीक्षण, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, वित्तीय सहायता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेंगे। प्रत्येक कृषि-उद्यमी अपने क्षेत्र के 100 से 200 किसानों के साथ मिलकर कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि खेती की लागत कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि आधारित उद्यमों को अपनाने की सलाह दी, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
'प्रगति' परियोजना में जलवायु-अनुकूल खेती, नई तकनीकों के उपयोग और महिलाओं की भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बड़ी संख्या में महिला कृषि-उद्यमियों और 'कृषि सखियों' को इस अभियान से जोड़कर गांवों तक कृषि संबंधी जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को डिजिटल तकनीक, बाजार से जुड़ाव और वैज्ञानिक खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि 'प्रगति' परियोजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने का मिशन है। इस पहल से कृषि में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे किसानों की आय में वृद्धि के साथ गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा







