नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
21 जून को होगी नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा, 14 जून तक जारी होंगे एडमिट कार्ड : प्रधान
नई दिल्ली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी, जबकि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार आवश्यक कदम उठा रही है।
श्री प्रधान ने बताया कि दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को इस बार अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शहर चुनने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, जिससे उन्हें यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना कम करना पड़े। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र के कारण अनावश्यक कठिनाई न हो।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा की प्रणाली में बड़ा बदलाव किया जाएगा और परीक्षा पारंपरिक ओएमआर शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाना है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि तीन मई को आयोजित परीक्षा के बाद कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद तत्काल जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि तथाकथित "गेस पेपर" के नाम पर वास्तविक प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल बाहर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्थिति में नहीं चाहती कि परीक्षा माफिया की गतिविधियों के कारण मेहनती और ईमानदार छात्रों का भविष्य प्रभावित हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी गई है। श्री प्रधान ने कहा कि परीक्षा में अनियमितता फैलाने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कठोर दंड दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की। उनका कहना था कि डिजिटल माध्यमों पर फर्जी खबरों का प्रसार बड़ी चुनौती बन चुका है, इसलिए केवल सरकार या एनटीए की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनटीए हर वर्ष करोड़ों छात्रों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है और परीक्षा प्रक्रिया में "जीरो एरर" सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।







