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22 लाख की पिस्टल, 2.5 करोड़ की डिफेंडर… लग्जरी लाइफ जी रहे थे सूरज बिहारी, इंस्टाग्राम पोस्ट बना मर्डर की वजह

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।

Suraj Bihari Murder: पूर्णिया में सोशल मीडिया से उपजा एक विवाद इतना आगे बढ़ गया कि एक  खौफनाक हत्याकांड में बदल गया। मंगलवार को जाने-माने कारोबारी और चर्चित ब्लॉगर सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें तीन गोलियां लगते ही सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के 48 घंटे गुजर जाने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है।

28 वर्षीय सूरज बिहारी न सिर्फ एक सफल कारोबारी थे, बल्कि सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते थे। उन्हें वीडियोग्राफी और ब्लॉगिंग का शौक था। शहर में उनकी शानो-शौकत भरी जीवनशैली की खूब चर्चा थी। वे करीब ढाई करोड़ रुपये की डिफेंडर कार से चलते थे और 22 लाख रुपये की पिस्टल रखते थे। अपनी सुरक्षा के लिए उन्होंने 2 से 3 निजी गार्ड भी रखे थे, जिन पर हर महीने लगभग एक लाख रुपये खर्च होता था।

बचपन से ही बिजनेस की ओर था झुकाव

सूरज बिहारी को बचपन से ही व्यापार में दिलचस्पी थी। कम उम्र में ही वे अपने पिता जवाहर यादव के व्यवसाय से जुड़ गए थे। 20 साल की उम्र में उन्होंने कारोबार की जिम्मेदारी संभाल ली और पिता के काम को आगे बढ़ाया। शहर में उनके मक्के के 18 गोदाम थे। इसके अलावा बिल्डिंग मैटेरियल का बड़ा कारोबार और रियल एस्टेट में निवेश कर उन्होंने अच्छा मुनाफा कमाया। बताया जाता है कि उनका सालाना टर्नओवर करीब 15 करोड़ रुपये था।

महंगी गाड़ियों और बाइकों का था शौक

सूरज बिहारी को लग्जरी कारों और बाइकों का खास शौक था। डिफेंडर के अलावा उनके पास 20 लाख रुपये की स्कॉर्पियो और ढाई लाख रुपये की बाइक भी थी। वे शूटिंग के भी शौकीन थे। दोस्तों के अनुसार, वे एक हाई-प्रोफाइल लाइफ जीते थे। घूमना-फिरना और दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट जाना उन्हें बेहद पसंद था।

शोहरत के लिए शुरू की ब्लॉगिंग

नाम और पहचान बनाने के लिए सूरज ने ब्लॉगिंग की शुरुआत की। वे हर दो-तीन दिन में सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते थे। उनकी लाइफस्टाइल देखकर फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। महज एक साल के भीतर इंस्टाग्राम पर उनके 30 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए, जबकि फेसबुक पर उनसे जुड़े लोगों की संख्या 11 हजार से अधिक थी।

एक इंस्टाग्राम पोस्ट बनी हत्या की वजह

मिली जानकारी के मुताबिक, सूरज की हत्या की जड़ एक इंस्टाग्राम पोस्ट बताई जा रही है। सूरज की शादी तीन साल पहले हुई थी और उनकी डेढ़ साल की एक बेटी है। वे तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। विवाद की शुरुआत उनके छोटे भाई उदय यादव के दोस्त सूरज शर्मा द्वारा एक लड़की की तस्वीर शेयर करने से हुई। लड़की के बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा ने पहले सूरज शर्मा और फिर उदय यादव से झगड़ा किया।

सीने, पेट और हाथ में लगी गोलियां

विवाद सुलझाने के लिए सूरज बिहारी खुद मौके पर पहुंचे। 27 जनवरी की सुबह वे अपने भाई उदय यादव और उसके दोस्त के साथ मरंगा वसंत विहार फन सिटी पार्क के पास पहुंचे। तभी स्नेहिल झा की ओर से आए ब्रजेश सिंह ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने कमर में छिपी पिस्टल निकालकर पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन गोलियां सूरज को लगीं। सीने, पेट और बाएं हाथ में गोली लगते ही सूरज जमीन पर गिर पड़े।

बताया जा रहा है कि ब्रजेश सिंह अपने भाई नंदू सिंह और 20–25 गुर्गों के साथ वहां पहुंचा था। फायरिंग के दौरान गार्ड और रिश्तेदार किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकले।

48 घंटे बाद भी आरोपी फरार

घटना के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। स्नेहिल झा, ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एसपी स्वीटी सहरावत के अनुसार, तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है और लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया गया है।

नेताओं ने जताया शोक, न्याय का भरोसा

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूरज बिहारी के पिता से फोन पर बातचीत कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। वहीं मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल पूरे शहर में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।