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₹32,801 करोड़ जीएसटी संग्रह, बिहार ने फिर बनाया नया रिकॉर्ड

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

- एसजीएसटी एवं आईजीएसटी के समायोजन में बिहार का वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से भी 8 फीसदी अधिक
- मार्च में 13% ग्रोथ, राष्ट्रीय औसत से 8% ज्यादा, डेटा एनालिटिक्स और सख्त निगरानी से बढ़ा कर संग्रह

पटना, राज्य वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण के मामले में वाणिज्यकर विभाग ने वर्ष 2024-25 के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है। विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹32,801.35 करोड़ जीएसटी का संग्रहण किया गया। जो वर्ष 2024-25 से 11.67 फीसदी अधिक है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आईजीएसटी समायोजन के बाद राज्य का शुद्ध जीएसटी संग्रहण ₹32,077.22 करोड़ रहा, जो 9.20 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

वाणिज्य कर विभाग की ओर से जारी प्रावधिक आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के कर संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य ने बड़े राज्यों की श्रेणी में कुल संग्रहण वृद्धि दर के आधार पर चौथा स्थान प्राप्त किया है, जो कर प्रशासन में निरंतर सुधार और प्रभावी निगरानी का परिणाम है।
 
₹46,500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 93% से अधिक हासिल              

आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 में एसजीएसटी एवं आईजीएसटी समायोजन सहित बिहार की वृद्धि दर 13 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 5 प्रतिशत से काफी अधिक है। संपूर्ण नकद संग्रहण के आधार पर बिहार ने 10.60 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय औसत 6.40 प्रतिशत रहा। जीएसटी और गैर-जीएसटी को मिलाकर राज्य का कुल कर संग्रहण वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹43,324.79 करोड़ था। यह पिछले वर्ष की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है। राज्य सरकार की ओर से निर्धारित ₹46,500 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध विभाग ने 93.17 प्रतिशत  संग्रहण प्राप्त किया। 
अधिकारियों ने बताया कि ई-वे बिल विश्लेषण,  डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी,  जोखिम आधारित जांच और करदाताओं के साथ संवाद को मजबूत किए जाने से कर आधार का विस्तार हुआ और राजस्व संग्रहण में स्थायी वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने आने वाले वित्तीय वर्ष में कर प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी बनाने, करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही राजस्व संग्रहण वृद्धि की गति को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने का दावा किया है।