स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
कृषि मंत्री ने कहा, किसानों की समृद्धि के लिए मील का पत्थर साबित होगी ‘कृषि अवसंरचना कोष’ (एआईएफ) योजना
इस योजना के तहत 2 करोड़ रुपये तक के सभी ऋणों पर 3% प्रति वर्ष की दर से मिलती है ब्याज में छूट
पटना: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को ‘कृषि अवसंरचना कोष’ (एआईएफ) योजना की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना राज्य के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि अवसंरचना कोष एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश और राज्य में कृषि अवसंरचना में सुधार के लिए मध्यम से दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से फसलों की कटाई के बाद उनके बेहतर प्रबंधन तथा सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि 4 नवंबर 2025 तक बिहार में इस योजना के अंतर्गत कुल 2,045 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनके लिए कुल 1650.37 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। बिहार में सबसे बड़ा निवेश भंडारण क्षमता बढ़ाने में किया गया है, जिसके तहत 834 गोदाम परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा, खेती और कटाई के मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए 591 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि फसलों के मूल्य संवर्धन के लिए राज्य में 315 प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण किराए पर उपलब्ध कराने के लिए 196 कस्टम हायरिंग सेंटर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा, इस योजना में ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, साइलो, पैक-हाउस, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, पकने वाले कक्ष, जैविक इनपुट उत्पादन तथा स्मार्ट एवं सटीक कृषि जैसी विभिन्न आधुनिक अवसंरचनाएं शामिल हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के किसानों की समृद्धि और कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ‘कृषि अवसंरचना कोष’ इसमें एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।







