स्टेट डेस्क - वेरॉनिका राय
15 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा, टॉप 5 में 13 छात्र—पुनर्मूल्यांकन 1 से 7 अप्रैल तक
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वर्ष 2026 की मैट्रिक (कक्षा 10वीं) परीक्षा का परिणाम आज 29 मार्च को जारी कर दिया गया। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नतीजों की घोषणा की। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेन्दर और बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे।
इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा के लिए करीब 15.12 लाख परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 81.79% छात्र सफल हुए हैं। कुल 12,35,743 परीक्षार्थियों ने परीक्षा पास की, जिसमें छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा।
टॉपर्स की सूची
इस साल की परीक्षा में दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है—
जमुई की पुष्पांजलि कुमारी
वैशाली की सबरिन परवीन
दोनों ने 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर राज्य में टॉप किया।
वहीं, दूसरे स्थान पर बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना (489 अंक, 97.8%) रहीं।
तीसरे स्थान पर बक्सर की अनूपा कुमारी और बेगूसराय के ओम कुमार (488 अंक, 97.6%) रहे।
चौथे स्थान पर समस्तीपुर की ज्योति कुमारी, बांका के अनुभव कुमार और पूर्णिया के अंश राज (487 अंक, 97.4%) रहे।
पांचवें स्थान पर बेगूसराय, भोजपुर, कैमूर और सहरसा के कुल 5 परीक्षार्थियों ने 486 अंक (97.2%) प्राप्त किए।
रिजल्ट का आंकड़ा
प्रथम श्रेणी: 4,43,723 छात्र
द्वितीय श्रेणी: 4,75,511 छात्र
तृतीय श्रेणी: 3,03,103 छात्र
कुल सफल छात्राएं: 6,34,353
कुल सफल छात्र: 6,01,390
लड़कियों का शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल सफलता प्रतिशत में बढ़त बनाई। टॉपर्स लिस्ट में भी लड़कियों का दबदबा साफ नजर आया।
पुनर्मूल्यांकन का मौका
जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे 1 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 के बीच पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
टॉपर्स को मिलेगा इनाम
इस बार राज्य सरकार ने टॉपर्स के लिए पुरस्कार राशि दोगुनी करने का ऐलान किया है, जिससे मेधावी छात्रों को और प्रोत्साहन मिलेगा।
यह परिणाम एक बार फिर दिखाता है कि बिहार में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। खासकर लड़कियों की बढ़ती भागीदारी और सफलता राज्य के सामाजिक बदलाव का संकेत है।







