नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
केंद्रीय बजट 2026 केवल नीतिगत घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ऐसे कई निर्णय शामिल हैं जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खर्च पर पड़ेगा। खेती, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, छोटे कारोबार और यात्रा को आसान बनाने पर सरकार का फोकस नजर आता है। तकनीक, निवेश और बुनियादी ढांचे के जरिए कम खर्च और ज्यादा अवसर का रोडमैप पेश किया गया है। आइए जानते हैं बजट 2026 के 10 प्रमुख फैसले।
1. किसानों पर फोकस: आय बढ़ाने की पहल बजट 2026 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा। पशुपालन में उद्यमिता को प्रोत्साहित कर ग्रामीण इलाकों में बेहतर रोजगार सृजित किए जाएंगे। नारियल, काजू और कोको जैसी बागानी फसलों के लिए विशेष योजनाओं से करीब 3 करोड़ लोगों को फायदा होगा। चंदन उद्योग को फिर से मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
2. डिजिटल एग्रीकल्चर को बढ़ावा: किसानों के लिए Bharat-VISTAAR नाम का मल्टीलिंगुअल AI प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा। यह खेती से जुड़े जोखिम कम करने और बेहतर निर्णय लेने में सहायता करेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा और लागत में कमी आएगी। यह डिजिटल सलाह प्रणाली छोटे किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
3. महिलाओं के लिए SHE-Marts: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए SHE-Marts की घोषणा की गई है। यह प्लेटफॉर्म महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बाजार से जोड़ेगा। लखपति दीदी योजना को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने पर जोर दिया गया है।
4. शिक्षा क्षेत्र में नए संस्थान: पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना की जाएगी। औद्योगिक कॉरिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित होंगी। इसके अलावा, हर जिले में STEM (ScienceTechnology, Engineering, Mathematics) संस्थानों के लिए गर्ल्स हॉस्टल और खगोल विज्ञान के लिए नई टेलीस्कोप सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
5. MSMEs को मजबूत समर्थन: छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड शुरू किया जाएगा। TREDS के माध्यम से 7 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी उपलब्ध कराई जाएगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्र’ के जरिए अनुपालन में सहायता दी जाएगी।
6. हेल्थकेयर सेक्टर में विस्तार: अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल और 1.5 लाख केयरगिवर तैयार किए जाएंगे। तीन नए आयुर्वेद AIIMS, NIMHANS-2 की स्थापना और जिला अस्पतालों में 50 प्रतिशत क्षमता विस्तार का प्रस्ताव है।
7. बैंकिंग और वित्तीय सुधार: बैंकिंग सेक्टर की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाले शहरों को 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। निवेश की सीमा बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है।
8. आईटी सेक्टर को राहत: आईटी सेवाओं को एक श्रेणी में लाकर सेफ हार्बर मार्जिन (सेफ हार्बर मार्जिन वह तय प्रतिशत मुनाफा होता है, जिसके अंदर रहने पर किसी कंपनी की टैक्स जांच या विवाद का खतरा नहीं रहता।) 15.5 प्रतिशत तय किया गया है। इसकी सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये करने से मिड-साइज आईटी कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।
9. परिवहन: हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं; देशभर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। इससे यात्रा समय घटेगा और शहरी विकास के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
10. पर्यटन, दिव्यांगजन और खेल: मेडिकल और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए हब विकसित किए जाएंगे। दिव्यांगजनों के लिए कौशल और सहायता योजनाएं लाई जाएंगी। साथ ही खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए खेलो इंडिया मिशन की शुरुआत की गई है।







