स्टेट डेस्क, एन के सिंह।
DGP विनय कुमार का सीधा वार, अब ऑर्केस्ट्रा और रेड लाइट एरिया के 'काले साम्राज्य' का होगा अंत।
पटना: बिहार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी शुरू हो गई है। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पटना के सरदार पटेल भवन से राज्यव्यापी महा-अभियान 'ऑपरेशन नया सवेरा 2.0' का शंखनाद कर दिया है। इस अभियान के केंद्र में वे मासूम और मजबूर जिंदगियां हैं, जिन्हें मानव तस्करी, बाल श्रम और देह व्यापार की आग में झोंक दिया गया है।
01 अप्रैल से फूंका जाएगा बिगुल: अपराधियों के लिए 'नो सेफ ज़ोन'
बिहार पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए DGP विनय कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों के लिए अब बिहार में कोई सुरक्षित कोना नहीं बचेगा।
"हमारा लक्ष्य केवल अपराधियों को जेल भेजना नहीं, बल्कि पीड़ितों का सफल पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। पुलिस की संवेदनशीलता ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है।"
विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक, बिहार
01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक पूरे एक महीने तक चलने वाले इस 'ऑपरेशन नया सवेरा 2.0' के तहत पुलिस की स्पेशल टीमें रेड लाइट एरिया, ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स और मानव तस्करी के अड्डों पर 'काल' बनकर टूटेंगी।
इन 'चार कालिखों' पर होगी सीधी चोट
पुलिस मुख्यालय ने इस बार अपनी रणनीति को अत्यंत सूक्ष्म और मारक बनाया है। अभियान के मुख्य चार स्तंभ इस प्रकार हैं
सीमा पार तस्करी पर प्रहार
नेपाल और अन्य राज्यों से होने वाली लड़कियों की तस्करी पर डिजिटल और ग्राउंड लेवल से नकेल।
देह व्यापार के दलदल की सफाई: रेड लाइट एरिया में बंधक बनाकर रखी गई नाबालिगों की सघन मुक्ति।
मनोरंजन की आड़ में हो रहे यौन शोषण और जबरन मजदूरी (Bonded Labour) का पूर्ण खात्मा।
होटलों, कारखानों और ईंट-भट्ठों पर मासूमों से काम कराने वाले माफियाओं के खिलाफ सीधी जेल।
'कमजोर वर्ग प्रभाग' संभालेगा कमान
इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए देश के जाने-माने विशेषज्ञों ने पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी है। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे NDRF के सेवानिवृत्त DGP डॉ. पी. एम. नायर ने संगठित गिरोहों के तौर-तरीकों का खुलासा किया।
ADG (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित कुमार जैन और DIG आमिर जावेद ने बताया कि पिछला 'ऑपरेशन नया सवेरा' (जुलाई-अगस्त 2025) काफी सफल रहा था, लेकिन इसका 2.0 वर्जन तकनीक और खुफिया तंत्र के मामले में कहीं अधिक एडवांस और घातक होगा।
पुलिस पदाधिकारियों को 'अल्टीमेटम': सफेदपोशों की खैर नहीं
DGP ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया है कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
संदिग्ध ऑर्केस्ट्रा संचालकों और ठिकानों की लिस्ट तैयार की जा रही है।
तस्करी के मामलों में शामिल सफेदपोशों और अपराधियों के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मुक्त कराई गई लड़कियों और बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षित आश्रय, शिक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था होगी।
बिहार पुलिस का यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक 'माइलस्टोन' साबित होने वाला है। 'नया सवेरा 2.0' न केवल अपराधियों में खौफ पैदा करेगा, बल्कि उन हजारों चेहरों पर मुस्कान लौटाएगा जो सालों से अंधेरे कमरों में कैद होकर अपनी किस्मत को कोस रहे थे।







