स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह |
नई दिल्ली: मीडिया और संचार शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘एआई मीडिया अकादमी’ की शुरुआत की है। इस अकादमी का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और मीडिया पेशेवरों को प्रशिक्षित करना तथा बदलते डिजिटल परिवेश के अनुरूप नई क्षमताओं का विकास करना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल के तहत मीडिया, पत्रकारिता, मनोरंजन और डिजिटल संचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से छात्रों को आधुनिक तकनीकों की समझ विकसित करने और व्यावहारिक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
नई दिल्ली स्थित आईआईएमसी परिसर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार, आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर तथा गूगल डीपमाइंड इंडिया के वरिष्ठ निदेशक डॉ. मनीष गुप्ता सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में एआई आधारित मीडिया शिक्षा की आवश्यकता और भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में समाचार, डिजिटल कंटेंट निर्माण, फैक्ट-चेकिंग, डेटा विश्लेषण और मल्टीमीडिया प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में एआई की भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है। ऐसे में यह अकादमी मीडिया छात्रों और पेशेवरों को नई तकनीकों के साथ काम करने के लिए तैयार करेगी। आईआईएमसी के अनुसार, अकादमी के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, शोध गतिविधियां और उद्योग जगत के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे देश में एआई आधारित मीडिया शिक्षा को नई दिशा मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
माना जा रहा है कि यह पहल भारत में मीडिया शिक्षा को वैश्विक स्तर की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने में मीडिया क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।







