Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

IIT कानपुर में छात्र ने की आत्महत्या

स्टेट डेस्क, प्रीति पायल |

छात्र का नाम जय सिंह मीणा था, उम्र 26 वर्ष। वे राजस्थान के अजमेर जिले के अवधपुरी से थे (पिता का नाम गौरीशंकर मीणा)। वे IIT कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के चौथे (अंतिम) वर्ष के छात्र थे। जुलाई 2020 में उनका दाखिला हुआ था। वे हॉल नंबर 2 (ब्लॉक E), रूम नंबर 148 में रहते थे।

मौत 28 या 29 दिसंबर 2025 की रात हुई (शव 29 दिसंबर को मिला)। छात्र ने पहले अपनी कलाई की नसें काटने का प्रयास किया (कई कट के निशान, कुछ रिपोर्टों में चार बार कोशिश का उल्लेख)। उसके बाद बेडशीट या चादर से पंखे पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें "Sorry Everyone" लिखा था (नोटबुक में लिखा गया)।

28 दिसंबर से IIT कानपुर में विंटर वेकेशन चल रहा था। जय सिंह घर जाने की तैयारी कर रहे थे। 29 दिसंबर को परिवार ने कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। परिवार ने उनके दोस्त से संपर्क किया (जो वेकेशन पर थे)। हॉस्टल के अन्य छात्रों ने दरवाजा खटखटाया, कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर खिड़की से देखा तो शव फंदे पर लटका दिखा।

IIT प्रशासन को सूचना दी गई, फिर कल्याणपुर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया। फोरेंसिक टीम ने जांच की, मोबाइल व अन्य सामान जब्त किए। पोस्टमार्टम परिवार के कानपुर पहुंचने के बाद (30 दिसंबर या उसके आसपास) हुआ। परिवार सदमे में है; बड़े भाई सिद्धार्थ मीणा ने बताया कि दोपहर में उन्हें खबर मिली। जय सिंह घर आ रहे थे।

पुलिस जांच जारी है, कोई निश्चित वजह सामने नहीं आई। कुछ रिपोर्टों में अनुमानित कारण:
अकादमिक दबाव (कुछ विषयों में बैक पेपर, प्लेसमेंट में समस्या)

IIT प्रशासन छात्र की अकादमिक रिपोर्ट तैयार कर रहा है और उन्हें "ब्राइट एंड प्रॉमिसिंग स्टूडेंट" बता रहा है। कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।

पिछले 22 महीनों में सात आत्महत्याएं हुईं, जो कई स्रोतों से पुष्ट है। 2025 में यह चौथी घटना मानी जा रही है। उदाहरण:

  • अक्टूबर 2025: बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र धीरज सैनी।
  • अगस्त 2025: सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी।
  • फरवरी 2025: पीएचडी स्कॉलर अंकित यादव।
  • पहले की घटनाएं (2023-2024): डॉ. पल्लवी चिल्का, विकास मीणा आदि।

इससे संस्थान की काउंसलिंग व्यवस्था और मेंटल हेल्थ सपोर्ट पर सवाल उठे हैं। प्रोफेशनल काउंसलर और हेल्पलाइन मौजूद हैं, फिर भी घटनाएं थम नहीं रही।

IIT कानपुर ने शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी। पुलिस सभी पहलुओं (मेंटल हेल्थ, अकादमिक दबाव आदि) से जांच कर रही है। कोई FIR या आरोप नहीं दर्ज।

यह घटना IITs में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के दबाव की गंभीर समस्या को रेखांकित करती है। यदि पिछली घटनाओं की पूरी सूची या अन्य विवरण चाहिए, तो बताएं। यह बेहद दुखद है, और मेंटल हेल्थ सहायता पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।