नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
JNU में रात का खौफ: ABVP छात्र झाड़ियों-जंगल में छिपे
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में सोमवार देर रात वामपंथी छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों पर हमला कर दिया। कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए झाड़ियों और कैंपस के घने जंगलों में छिपने को मजबूर हो गए।
1:30 बजे शुरू हुई मारपीट, सुबह 3 बजे तक चली
घटना सोमवार रात करीब 1:30 बजे शुरू हुई और सुबह लगभग 3 बजे तक चली। ABVP छात्रों का आरोप है कि वे सिर्फ एक प्रदर्शन देखने पहुंचे थे। तभी वामपंथी छात्रों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और लात-घूंसों, बेल्ट, ईंट-पत्थरों तथा धारदार वस्तुओं से हमला बोल दिया।
दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, छिपने की जगह भी नहीं बची
आरोप है कि वामपंथी छात्रों ने ABVP सदस्यों को पूरे कैंपस में दौड़ा-दौड़ाकर मारा। जहां भी कोई छिपने की जगह मिली, छात्र वहां छिप गए। कोई झाड़ियों में दुबका तो कोई कैंपस के घने जंगलों में घुस गया। कई छात्रों को हमलावरों ने ढूंढ-ढूंढकर पीटा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अफरा-तफरी मच गई और छात्र हॉस्टलों व कैंपस के अलग-अलग कोनों में छिपते दिखे।
कई छात्र घायल, कुछ की हालत गंभीर
मारपीट में कई ABVP छात्र घायल हो गए। कुछ की तबीयत बिगड़ने की भी सूचना है। छात्रों का कहना है कि हमलावरों के पास लाठियां, पत्थर और धारदार हथियार थे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
सुरक्षा कर्मी देखता रहा, प्रशासन चुप
घटना के वीडियो में एक सुरक्षा कर्मी भी नजर आ रहा है। आरोप है कि लंबे समय तक तनाव बना रहने के बावजूद न तो सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया और न ही जेएनयू प्रशासन की ओर से कोई रोकथाम के आदेश जारी हुए। अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान भी नहीं आया है।
पढ़ाई प्रभावित, छात्रों में असुरक्षा
छात्रों का कहना है कि परिसर में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं, तोड़फोड़ और विवाद पढ़ाई के माहौल को बर्बाद कर रहे हैं। गैर-राजनीतिक छात्रों में भय का माहौल बन गया है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था, रात्रिकालीन निगरानी और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।
ABVP समेत अन्य छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।







