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MP में अफसरों की "ड्राय फ्रूट पार्टी" ने उड़ाए होश, एक घंटे में 19 हज़ार का जल संरक्षण भोज

स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर |

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जल संरक्षण के नाम पर आयोजित एक बैठक चर्चा का विषय बन गई है। कारण? एक घंटे की इस "चाय-चर्चा" में अधिकारियों ने 19,010 रुपये के ड्राई फ्रूट्स, दूध और चाय का स्वाद चखा, और सोशल मीडिया पर बिल की तस्वीर वायरल होते ही हंगामा मच गया।

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के गोहपारू जनपद की भदवाही ग्राम पंचायत में 25 मई 2025 को जल संरक्षण पर एक बैठक आयोजित की गई थी। उद्देश्य था झिंझा नाले पर बोरियों से बांध बनाकर जल संधारण को बढ़ावा देना। लेकिन बैठक से ज़्यादा सुर्खियों में आ गया उसमें परोसा गया ‘महाभोज’, जिसमें 13 किलो ड्राई फ्रूट्स, 6 लीटर दूध, 5 किलो चीनी और 2 किलो विशेष घी की खपत दर्ज की गई।

इस जल संरक्षण चौपाल में शामिल अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर 5 किलो काजू, 6 किलो बादाम, 3 किलो किशमिश, 30 किलो नमकीन और 20 पैकेट बिस्किट 'निपटा' दिए। चाय में 6 लीटर दूध और 5 किलो चीनी का उपयोग किया गया, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने चुटकी ली कि यह 'जल गंगा अभियान' था या 'शक्कर गंगा समारोह'।

इस पूरे आयोजन का बिल 19,010 रुपये का बताया गया, जिसमें सिर्फ घी के लिए 5,260 रुपये का अलग से भुगतान दर्ज है। सोशल मीडिया पर जैसे ही बिल वायरल हुआ, लोगों में आक्रोश फैल गया। जिला पंचायत प्रभारी सीईओ मुद्रिका सिंह ने सफाई दी कि इतनी मात्रा में ड्राय फ्रूट्स पहली बार देखे गए हैं और जांच की बात कही है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना शीर्ष अधिकारियों की जानकारी के इतना महंगा बिल पास हो सकता है? सोशल मीडिया पर अब यह मामला भ्रष्टाचार की नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।