नेशनल डेस्क, एन के सिंह।
FASTag ने खोला 37 लाख की ATM चोरी का राज।
डीएसपी और एसआईटी ने 6 दिनों तक नूह (मेवात) में डाला था डेरा। पकड़े गए गैंग ने बिहार के विभिन्न जिलों में ऐसी 08 घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली।
पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक खबर सामने आ रही है।
मोतिहारी पुलिस ने एक अंतरराज्यीय संगठित अपराधी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एटीएम को गैस कटर से काटकर लाखों रुपये उड़ाने वाले दो बेहद शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कुशल निर्देशन में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के बल पर इस हाई-टेक चोरी कांड का न सिर्फ सफल उद्भेदन किया, बल्कि अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
आधी रात का वो खौफनाक मिशन और 36 लाख की चोरी
घटना की शुरुआत बीती 29 अप्रैल की दरमियानी रात को हुई थी। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मेन रोड बस स्टैंड के समीप स्थापित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एटीएम को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। यह एटीएम 'हिताची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' (चेन्नई) द्वारा संचालित था।
रात के सन्नाटे में करीब 1 बजे से 3 बजे के बीच, बेखौफ अपराधियों ने सबसे पहले एटीएम के सायरन (अलार्म सिस्टम) और सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया ताकि पुलिस या सर्विलांस टीम को भनक न लगे। इसके बाद, बेहद पेशेवर अंदाज में गैस कटर का इस्तेमाल कर एटीएम मशीन को काटा गया और उसमें रखे 37,36,100 नगद लेकर अपराधी रफूचक्कर हो गए। इस मामले में कंपनी के अधिकृत अधिवक्ता संजय कुमार सिंह (अरेराज निवासी) के लिखित आवेदन पर रघुनाथपुर थाना में कांड संख्या-१४८/२६ दर्ज किया गया था।
एसपी का 'एक्शन प्लान' और 'FASTag' का जाल
इतनी बड़ी रकम की चोरी पुलिस प्रशासन के लिए एक खुली चुनौती थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने बिना वक्त गंवाए सदर-०१ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DYSP) दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
SIT की टीम ने जब तकनीकी और वैज्ञानिक तफ्तीश शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज और इनपुट के आधार पर एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर (Swift Dzire) कार शक के घेरे में आई। पुलिस ने जब इस कार के 'फास्टैग' (FASTag) डेटा को खंगाला, तो अपराधियों के भागने के रूट और उनकी लोकेशन का सटीक पता चल गया। इसी सुराग के सहारे पुलिस मुख्य अभियुक्त के ठिकाने तक पहुंच गई। अपराधियों को दबोचने के लिए दो डीएसपी (सदर और अरेराज) के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हरियाणा के नूह (मेवात) में लगातार 6 दिनों तक कैंप किया और स्थानीय इनपुट के आधार पर छापेमारी की।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान
साहिल असरूद्दीन ग्राम- ओहता, थाना- पिनगवा, जिला- नूह (मेवात),हरियाणा
जुहुर खाँ कलीला खाँ ग्राम- गोवालदा, थाना- चौपांगो, जिला- खैरतल, राजस्थान
अभियुक्तों के पास से बरामद सामान
घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार के फास्टैग से लिंक असली नंबर प्लेट (जो मुख्य अभियुक्त के घर से मिली) एटीएम काटने में इस्तेमाल किया गया पीतल का एक गैस कटर नोजल (लाल और नीले रबर पाइप के साथ)।
क्या कहते हैं पुलिस कप्तान?
"यह नूह (मेवात) का एक बेहद कुख्यात और पेशेवर एटीएम कटर गैंग है। बिहार में इस गिरोह द्वारा अंजाम दी गई यह आठवीं घटना थी। तकनीकी अनुसंधान और फास्टैग ट्रैकिंग की मदद से हमारी टीम ने इस केस का सफल उद्भेदन किया है। गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही इनाम की घोषणा की जाएगी। हमारी टीम ने ६ दिनों तक हरियाणा में कैंप कर इन्हें दबोचा है।"
स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी)
इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में मोतिहारी पुलिस के इन जांबाज अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही
दिलीप कुमार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-०१,रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अरेराज
अभिनव परासर, पुलिस उपाधीक्षक (साइबर)
धनंजय कुमार रघुनाथपुर थाना अध्यक्ष प्रत्युष कुमार, पु०अ०नि०, साइबर थाना, मोतिहारी,पुलिस की इस त्वरित और तकनीकी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी हाई-टेक क्यों न हो जाएं, कानून के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार अपराधियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके और लूटी गई रकम की शत-प्रतिशत बरामदगी की जा सके।







