स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार
पटना। टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को भाकपा-माले, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) और क्रांतिकारी युवा संघ (आरवाईए) ने राज्यभर में प्रदर्शन किया। कई जिलों में विरोध मार्च, नारेबाजी और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भाकपा-माले की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आठ मई को पटना में रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया था। इसके विरोध में पटना, बेगूसराय, आरा, सिवान, दरभंगा, गया, बिहारशरीफ और समस्तीपुर समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किए गए।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के कचहरी चौक पर आयोजित प्रदर्शन में भाकपा-माले और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका और डबल इंजन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर नाराजगी जताई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आरवाईए के राष्ट्रीय पार्षद सह माले नेता कुंदन यादव ने कहा कि अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना भाजपा-जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की सुनियोजित कोशिश बताया।
उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों पद खाली हैं और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार बहाली निकालने के बजाय आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब नौजवान रोजगार और अधिकारों की बात करते हैं, सरकार पुलिस बल के जरिए आंदोलन को कुचलने का प्रयास करती है।
पटना के जीपीओ गोलंबर पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान शामिल हुए। कार्यक्रम में के.डी. यादव, कमलेश शर्मा, जितेंद्र कुमार, कुमार दिव्यम, पुनीत पाठक, विनय कुमार, मुर्तजा अली, अनुराधा सिंह, अन्य मेहता, सत्येंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, नौशाद और आशा देवी समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं, पुतला दहन कार्यक्रम में भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव, खेग्रामस राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम, युवा नेता चंदन कुमार यादव, ललन कुमार यादव, रणधीर ठाकुर, कमल किशोर यादव, मंटू यादव, सूरज कुमार, मो. मुस्ताक, विपिन कुमार और संतोष कुमार राजा समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाकपा-माले, आइसा और आरवाईए ने सरकार से तत्काल TRE-4 की वैकेंसी जारी करने, अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा करने, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था करने की मांग की है।







