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अब हर 15 दिन में होगी जमीन सर्वे की समीक्षा, ढिलाई पर सीधा एक्शन

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

जमीन सर्वे पर सरकार सख्त, हर 15 दिन रिपोर्ट कार्ड तैयार

-लक्ष्य के अनुसार रोजाना काम का निर्देश, ढिलाई पर होगी सख्ती

-भू -अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में बनाया गया मॉनिटरिंग सेल

पटना, राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम को लेकर अब निगरानी और सख्त होने जा रही है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि वे खुद प्रत्येक 15 दिन पर सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करेंगे, ताकि काम में तेजी बनी रहे और तय समय पर लक्ष्य पूरा हो सके।
        
उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने सभी जिलों के बंदोबस्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रोजाना तय लक्ष्य के हिसाब से काम करें। उन्होंने कहा कि हर दिन का लक्ष्य तय हो, शाम में उसकी समीक्षा हो और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि काम में किसी तरह की सुस्ती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
      
उन्होंने बताया कि पहले चरण के 20 जिलों के 89 अंचलों में सर्वेक्षण का काम इस साल के अंत तक हर हाल में पूरा करना है। अभी तक 67 फीसदी से ज्यादा मौजों का ड्राफ्ट पब्लिकेशन हो चुका है, जबकि 33 फीसदी से अधिक का फाइनल पब्लिकेशन भी पूरा कर लिया गया है। वहीं दूसरे चरण के 36 जिलों के 445 अंचलों में त्रिसीमाना, सीमा सत्यापन और किश्तवार का काम तेजी से पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
काम की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में एक विशेष टीम भी बनाई गई है, जो लगातार प्रगति पर नजर रख रही है।
      
उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शेखपुरा जिला सर्वेक्षण कार्य में अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जो बाकी जिलों के लिए एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने अन्य जिलों को भी उसी तरह लक्ष्य तय कर तेजी से काम करने को कहा।

उन्होंने साफ कहा कि यह कार्यक्रम राज्य में भूमि प्रबंधन को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी।
उपमुख्यमंत्री का मानना है कि इस अभियान के पूरा होने से जमीन से जुड़े विवाद काफी कम होंगे और आम लोगों को राजस्व से जुड़ी समस्याओं में बड़ी राहत मिलेगी।