विदेश डेस्क- ऋषि राज
मिनियापोलिस: अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया है। अधिकारियों के अनुसार कैलिफोर्निया से जुड़े इस मामले में आरोपी पर एक कंपनी के साथ 12 लाख डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप थे, जिनकी लंबी जांच और अदालत की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।
अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल एन. रोसेन ने जानकारी दी कि 47 वर्षीय करण गुप्ता को मिनियापोलिस की अमेरिकी जिला अदालत में छह दिनों तक चले जूरी ट्रायल के बाद दोषी पाया गया। जूरी ने उन्हें वायर फ्रॉड के 10 मामलों और धन शोधन की साजिश से जुड़े एक मामले में जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले की सुनवाई अमेरिकी जिला अदालत की न्यायाधीश कैथ एम. मेनेंडेज की अध्यक्षता में हुई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने व्यावसायिक लेन-देन और निवेश से जुड़े झूठे दावे कर संबंधित कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। जांच एजेंसियों ने वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक संचार और अन्य सबूतों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि धोखाधड़ी सुनियोजित तरीके से की गई थी।
हालांकि बचाव पक्ष की ओर से कई तर्क प्रस्तुत किए गए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। सजा की अवधि और अन्य कानूनी कार्रवाई पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे किया जाएगा।
इस फैसले के बाद प्रवासी भारतीय समुदाय में भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और नियमों के पालन की जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है।
वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कारोबारी व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता बनी रहे।







