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अमेरिका से व्यापार समझौता रद्द करने की हिम्मत दिखाए सरकार, कांग्रेस का केंद्र पर हमला

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार

नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते को रद्द करने का हिम्मत दिखाना चाहिए। पार्टी की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस कथित बयान को लेकर आई है, जिसमें कहा गया कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने “करीबी मित्र” को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील कर रहे हैं, तब सरकार अमेरिका से रिकॉर्ड स्तर पर आयात करने पर सहमति क्यों जता रही है।

जयराम रमेश ने पूछा कि क्या आयात में इतनी बड़ी बढ़ोतरी भारतीय रुपये पर और दबाव नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि मार्को रूबियो वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने 10 मई 2025 को कथित रूप से यह घोषणा की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद ऑपरेशन सिंदूर रुका और युद्धविराम संभव हो पाया। उनके अनुसार, अब रूबियो के ताजा बयान ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब अमेरिका की अदालत ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर चुकी है और मलेशिया जैसे देश अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौतों को अमान्य कर चुके हैं, तब भारत सरकार ऐसी रियायतें क्यों दे रही है, जो किसानों और उद्योगों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अमेरिका से आयात को लेकर लिया गया फैसला हाल में अमेरिका में गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करने से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे यह संदेश जाता है कि प्रधानमंत्री कथित तौर पर अपने करीबी लोगों को बचाने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते हैं।