विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
वॉशिंगटन, ट्रंप प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी प्रकार का युद्ध नहीं चल रहा है। यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब देश के भीतर सैन्य कार्रवाइयों को लेकर कानूनी बहस तेज हो गई है।
दरअसल, अमेरिका में यह मुद्दा उठाया जा रहा है कि सैन्य अभियानों के लिए निर्धारित 60 दिनों की कानूनी समय-सीमा क्या समाप्त हो चुकी है। इस सवाल ने राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
इस पूरे विवाद के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति को युद्ध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। उनका कहना है कि फिलहाल किसी भी प्रकार की सक्रिय सैन्य भिड़ंत नहीं हो रही है।
अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस से अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।
माइक जॉनसन के अनुसार, अभी तक ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है जिसे औपचारिक युद्ध कहा जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि न तो बड़े स्तर पर बमबारी हो रही है और न ही गोलीबारी जैसी कोई सक्रिय सैन्य कार्रवाई जारी है।
उन्होंने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका का फोकस फिलहाल संघर्ष को बढ़ाने के बजाय शांति स्थापित करने पर है। प्रशासन कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहा है।
इस बयान के बाद यह साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका अभी टकराव की बजाय बातचीत और समझौते के रास्ते को प्राथमिकता दे रहा है, हालांकि कानूनी बहस अभी भी जारी है।







