विदेश डेस्क, नीतीश कुमार
नई दिल्ली, भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में सकारात्मक पहल होगी।
विदेश मंत्रालय ने हालिया घटनाक्रम पर जारी बयान में कहा कि भारत पहले से ही इस विवाद के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता रहा है। मंत्रालय ने कहा, “हम संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हम पहले भी कहते रहे हैं, तनाव में कमी, संवाद और कूटनीति ही संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं।”
मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस संघर्ष के कारण आम लोगों को भारी कष्ट उठाना पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक नेटवर्क प्रभावित हुए हैं। साथ ही उम्मीद जताई गई कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह सामान्य बना रहेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार तड़के दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई है। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाया था।
इन हमलों में व्यापक जान-माल का नुकसान हुआ है। इसके विरोध में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही को भी बाधित कर दिया था, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई।






