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आदापुर में विशेष धावा दल ने 3 बाल श्रमिकों को कराया विमुक्त

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

प्रतिष्ठान मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज। श्रम कानून के तहत 50 हजार तक का जुर्माना, 2 साल की जेल और प्रति बच्चा 20,000 रुपये अतिरिक्त वसूली का प्रावधान।

पूर्वी चंपारण: बाल श्रम के विरुद्ध राज्य सरकार के "जीरो टॉलरेंस" अभियान के तहत आज दिनांक 29 जनवरी 2026 को आदापुर प्रखंड क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (LEO), आदापुर के नेतृत्व में गठित विशेष धावा दल ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जाँच अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान कुल दो प्रतिष्ठानों से तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया, जिससे क्षेत्र के नियोजकों में हड़कंप मच गया है।

इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई

जाँच टीम ने आदापुर प्रखंड के प्रमुख बाजारों में सघन तलाशी ली। इस क्रम में 'जय गुरुदेव मिलन स्वीट्स' से 02 बाल श्रमिक और 'श्री अन्नपूर्णा स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट' से 01 बाल श्रमिक को कार्य करते हुए पाया गया। धावा दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन तीनों बच्चों को बाल श्रम की दलदल से बाहर निकाला। श्रम अधीक्षक रमाकांत ने स्पष्ट किया कि विमुक्त कराए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC), पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जहाँ से उन्हें सुरक्षित पुनर्वास के लिए बाल गृह भेज दिया गया है।

नियोजकों पर कानून का शिकंजा

इस मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन के आरोप में संबंधित दोनों प्रतिष्ठानों के मालिकों के विरुद्ध स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
श्रम अधीक्षक रमाकांत ने बताया कि बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर नियोजकों को 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और 2 वर्ष तक का कारावास हो सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में, सभी दोषी नियोजकों से 20,000 रुपये प्रति बाल श्रमिक की दर से वसूली भी की जाएगी। यह राशि बाल श्रमिक पुनर्वास कल्याण कोष में जमा की जाएगी।

संयुक्त टीम ने दिया अभियान को अंजाम

आज के इस विशेष अभियान में कई विभागों और संस्थाओं का समन्वय देखने को मिला। टीम में आदापुर, चिरैया और तुरकौलिया के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों के साथ-साथ डंकन हॉस्पिटल रक्सौल, प्रयास संस्था और GNK के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आदापुर थाना के 06 पुलिसकर्मी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम भी साथ मौजूद रही।

प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि पूर्वी चंपारण जिले के सभी प्रखंडों में यह जाँच अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी होटल, ढाबा, ईंट भट्ठा या कारखाने में यदि बाल श्रमिक पाए जाते हैं, तो उनके मालिकों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।