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इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित होंगी मोजांबिक की ग्राका माचेल

विदेश डेस्क- ऋषि राज

नई दिल्ली: मोजांबिक की प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता ग्राका माचेल को वर्ष 2025 के लिए प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार में एक करोड़ रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी शामिल है। इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

ट्रस्ट की ओर से जारी बयान के अनुसार, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की अध्यक्षता वाली अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, आर्थिक सशक्तिकरण और कठिन परिस्थितियों में मानवीय कार्यों के क्षेत्र में ग्राका माचेल के असाधारण योगदान को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना है। निर्णायक मंडल ने कहा कि माचेल का जीवन और कार्य वैश्विक स्तर पर शांति, समानता और मानव गरिमा के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।

ग्राका माचेल को अफ्रीका की सबसे सम्मानित मानवतावादियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गिना जाता है। उन्होंने दशकों तक महिलाओं, बच्चों और संघर्ष प्रभावित समुदायों के अधिकारों के लिए काम किया है। विशेष रूप से सशस्त्र संघर्षों में बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को वैश्विक मंच पर लाने में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर उन्होंने नीतिगत सुधारों और जमीनी कार्यक्रमों के जरिए लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया।

माचेल का निजी जीवन भी अफ्रीकी इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से जुड़ा रहा है। उनका विवाह मोजांबिक के पहले राष्ट्रपति समोरा मोइसेस माचेल से हुआ था, जिनका 1986 में निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला से विवाह किया। इस कारण वे अफ्रीकी महाद्वीप के दो प्रमुख स्वतंत्रता आंदोलनों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी रहीं।

17 अक्टूबर 1945 को जन्मीं ग्राका माचेल ने लिस्बन विश्वविद्यालय में जर्मन भाषा के अध्ययन के दौरान स्वतंत्रता, समानता और मानवाधिकारों को लेकर अपनी राजनीतिक चेतना विकसित की। बाद के वर्षों में यही चेतना उनके आजीवन संघर्ष और सेवा का आधार बनी।

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट ने कहा कि यह पुरस्कार ऐसे व्यक्तित्वों को दिया जाता है, जिनका कार्य वैश्विक शांति, विकास और मानव कल्याण को मजबूत करता है। ग्राका माचेल का चयन इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।