Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

इजरायल की बड़ी एयरस्ट्राइक: ईरान के राष्ट्रपति परिसर पर हमला

विदेश डेस्क, ऋषि राज

तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के चौथे दिन हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि उसने ईरान के राष्ट्रपति भवन परिसर और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमारत पर एयरस्ट्राइक की है। बीबीसी सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने इसे “ईरानी शासन के शीर्ष नेतृत्व पर लक्षित कार्रवाई” बताया है।

IDF ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वायुसेना ने तेहरान स्थित राष्ट्रपति कार्यालय परिसर के साथ-साथ सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से जुड़े ढांचों को निशाना बनाया। इजरायल का दावा है कि हमले में एक सैन्य प्रशिक्षण संस्थान और अन्य रणनीतिक प्रतिष्ठान भी शामिल थे। हालांकि, इन हमलों में वास्तविक क्षति और हताहतों की संख्या को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

इजरायल की ओर से यह भी कहा गया कि जिस परिसर को निशाना बनाया गया, उसका उपयोग पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई द्वारा किया जाता रहा था। गौरतलब है कि हालिया हमलों में ईरान की शीर्ष नेतृत्व संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि इन दावों पर आधिकारिक और स्वतंत्र स्रोतों से अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं।

उधर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान की ओर से इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। पूरे मध्य पूर्व में सायरन, मिसाइल अलर्ट और सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं।

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों में अब तक लगभग 787 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अमेरिकी मानवाधिकार संगठन HRANA ने 742 नागरिकों के मारे जाने का दावा किया है, जिनमें 176 बच्चे शामिल बताए गए हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।

लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता फैल गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तत्काल संघर्ष विराम की अपील की है। आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।