विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
वॉशिंगटन : अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के खाड़ी क्षेत्र की दिशा में दागी गई ईरान की कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को बीच रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया। सेंटकॉम के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अमेरिकी सैनिक या सैन्य प्रतिष्ठान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
सेंटकॉम ने बताया कि घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान के चार एकतरफा हमला करने वाले (आत्मघाती) ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया तथा ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन गिराए जाने के कुछ समय बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेना ने इन मिसाइलों की निगरानी करते हुए तत्काल जवाबी कार्रवाई की और उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के प्रयास शुरू कर दिए।
सेंटकॉम के दावे के अनुसार, दागी गई सात मिसाइलों में से छह को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। वहीं सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही। कमान ने कहा कि सभी सुरक्षा उपाय प्रभावी रहे और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बल पूरी तरह सुरक्षित रहे।
इस बीच, ईरान की ओर से किए गए उन दावों को भी सेंटकॉम ने खारिज कर दिया जिनमें बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी। अमेरिकी कमान ने स्पष्ट किया कि ऐसे दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और सैन्य ठिकानों को कोई क्षति नहीं हुई है।
सेंटकॉम ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने इससे पहले गोरुक और केश्म द्वीप पर स्थित ईरान की तटीय निगरानी रडार साइटों को निशाना बनाकर हमले किए थे। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन सैन्य कार्रवाइयों के बाद ही क्षेत्र में जवाबी गतिविधियां तेज हुईं।
कमान के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को दर्शाता है। अमेरिकी बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और खाड़ी क्षेत्र में अपने सहयोगियों तथा सैन्य ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। सेंटकॉम ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की रक्षा के लिए अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है।







