ईरान संघर्ष के बीच सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क पूरी तरह माफ
विदेश डेस्क, नीतीश कुमार।
नई दिल्ली, ईरान में जारी संघर्ष और उसके चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधान को देखते हुए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून 2026 तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का निर्णय लिया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि यह कदम घरेलू उद्योगों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का कहना है कि पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, क्योंकि कई उद्योग इन पर निर्भर हैं। इसके साथ ही, यह निर्णय लागत बढ़ोतरी के दबाव को कम करेगा और देश में आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।
सरकार के अनुसार, इस छूट का लाभ उन उद्योगों को मिलेगा जो पेट्रोकेमिकल कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों का उपयोग करते हैं। इनमें प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, ऑटोमोबाइल घटक और अन्य विनिर्माण क्षेत्र शामिल हैं। इसका सकारात्मक असर अंततः उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा, क्योंकि अंतिम उत्पादों की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में प्रति लीटर 10-10 रुपये की कटौती की थी, ताकि तेल कंपनियों पर बढ़ती लागत का बोझ कम किया जा सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
भारत ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, जिसमें पश्चिम एशिया प्रमुख स्रोत है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
इस संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। इसके अवरुद्ध होने से दुनिया भर में पेट्रोलियम आपूर्ति पर असर पड़ा है और कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।







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