स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
गांधी मैदान में एग्रो बिहार मेला का समापन
– कृषि यंत्रों की बिक्री पर 1.85 करोड़ रुपये का दिया गया अनुदान
– मेला में 35 हजार से अधिक किसानों एवं आमजनों ने किया भ्रमण
पटना, पटना के गांधी मैदान में 12 मार्च से चल रहे कृषि यांत्रिकीकरण मेला यानि एग्रो बिहार 2026 का रविवार को समापन हो गया। यह मेला कृषि विभाग ने सीआईआई के सहयोग से आयोजित किया था। इस मौके पर कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि खेती को आधुनिक, आसान, कम खर्चीली और ज्यादा लाभकारी बनाने का सशक्त मंच बनकर उभरा है।
उन्होंने बिहार सहित कई राज्यों से आए कृषि यंत्र निर्माताओं और प्रदर्शकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सहयोग से किसानों को यह समझने का अवसर मिला कि अब खेती परंपरा के साथ-साथ तकनीक के सहारे भी आगे बढ़ सकती है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोड मैप, सिंचाई, बीज, बागवानी, यांत्रिकरण और किसान हित की कई योजनाओं के जरिए खेती को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कृषि यांत्रिकरण आज समय की मांग है, क्योंकि मशीन से काम तेज होता है, मजदूरी का दबाव घटता है और खेती अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बनती है।
पूर्वी भारत का है सबसे बड़ा यांत्रिकीकरण मेला
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि यह एग्रो बिहार मेला पूर्वी भारत का सबसे बड़ा यांत्रिकरण मेला है। इसे वर्ष 2011 से कृषि विभाग लगातार सफलता पूर्वक आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों की जानकारी प्रदान करना तथा कृषि कार्यों को अधिक सरल, त्वरित एवं लागत प्रभावी बनाना है। मेले में खाद्य एवं प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, गव्य विकास, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग, सहकारिता, कम्फेड द्वारा उनके संबंधित योजनाओं एवं क्रियाकलापों को किसानों के लिए प्रदर्शित किया गया है।
कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि मेले में कृषि यंत्रों के साथ-साथ उद्यान, बीज, पौधा संरक्षण, भूमि संरक्षण, उर्वरक तथा प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों से संबंधित स्टॉल लगाए गए, जहां इन उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की गई।
बिरला टायर्स को मिला प्रथम पुरस्कार
समापन समारोह में सभी कृषि यंत्र निर्माता कम्पनियों एवं विभागीय पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए बिरला टायर्स को प्रथम पुरस्कार, हेवेल्स इण्डिया को द्वितीय पुरस्कार एवं शक्तिमान को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
इस वर्ष इस मेला में राज्य के किसानों ने बड़ी संख्या में कृषि यंत्रों की खरीदारी कर सरकार की महत्वकांक्षी योजना का लाभ उठाया। इस मेला में 4 दिनों में कुल 395 कृषि यंत्रों की खरीद पर 1.85 करोड़ रूपये से अधिक का अनुदान दिया गया। इन यंत्रों का बाजार मूल्य लगभग 4.78 करोड़ रूपये है। रविवार को 1840 किसानों ने भाग लिया। इस तरह अब तक इस प्रदर्शनी-सह-मेला में राज्य के 35 हजार से अधिक किसान/आगन्तुक आ चुके हैं।







