Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया भारत का सुरक्षा संकल्प: PM मोदी

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार |

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति कितना दृढ़ और निर्णायक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान से यह स्पष्ट संदेश गया है कि आतंकवादियों और देश के दुश्मनों के लिए अब कोई भी सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है।

गंगईकोंडा चोलपुरम में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देशवासियों को नया आत्मविश्वास दिया है और वैश्विक स्तर पर इसकी सराहना हो रही है। श्री मोदी यहां आदि तिरूवथिराई उत्सव के अवसर पर पहुंचे थे, जो राजा राजेन्द्र चोल-प्रथम की दक्षिण-पूर्व समुद्री यात्रा, उनकी जयंती और गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर के निर्माण के 1000 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा, “दुनिया ने भारत की ओर से अपनी संप्रभुता के खिलाफ किसी भी खतरे को लेकर दृढ़ और निर्णायक जवाब देखा है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश भी साफ कर दिया है कि आतंकवादियों और राष्ट्रविरोधी ताकतों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं है।”

राजा राजेन्द्र चोल की विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर का निर्माण अपने पिता के सम्मान में कराया था और इस मंदिर के गोपुरम की ऊंचाई तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर से नीचे रखी गई थी।

उन्होंने कहा, “चोल काल की आर्थिक और सैन्य प्रगति आज के भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राजराजा चोल ने जहां शक्तिशाली नौसेना की नींव रखी, वहीं राजेन्द्र चोल ने उसे और भी सशक्त बनाया। चोल साम्राज्य नए भारत के निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक रोडमैप जैसा है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राष्ट्रीय एकता, मजबूत रक्षा बल और नए अवसरों की खोज आवश्यक है। उन्होंने संतोष जताया कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।