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ओडिशा में 12 लोगों की घरवापसी: फिर लौटे हिन्दू धर्म में

स्टेट डेस्क, वेरोनिका राय |

ओडिशा के केन्दुझर जिले में दो जनजातीय परिवारों के कुल 12 लोगों ने वर्षों पहले ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन अब उन्होंने अपने मूल धर्म हिन्दू धर्म में वापसी कर ली है। यह घरवापसी कार्यक्रम धर्म जागरण समन्वय विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ। यह घटना न केवल धार्मिक जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से दोबारा जुड़ने की मिसाल भी है।

कैसे हुआ धर्म परिवर्तन?

जानकारी के अनुसार, केन्दुझर जिले के पुरुणाबांधगडा पंचायत अंतर्गत नानिकाबाहली जनजातीय बस्ती में ये दोनों परिवार पहले हिन्दू धर्म के अनुयायी थे। करीब 10 साल पहले कुछ ईसाई पादरी गांव में आए और लोगों को भ्रमित करना शुरू किया। उन्होंने परिवारों को समझाया कि उनके रोग और परेशानियों का कारण हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा है। पादरियों ने यह भी कहा कि ईसा मसीह की भक्ति से सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।

ईसाई पादरियों ने जाति प्रथा न होने और सामाजिक बराबरी का झांसा देकर लोगों को प्रभावित किया। नतीजतन, सेतक सिंह, गुरुबारी सिंह, नरेन्द्र गागराई सहित 12 लोगों ने हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया। लेकिन वर्षों बाद जब उन्हें सच्चाई का एहसास हुआ, तो उन्होंने अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया।

धर्म जागरण विभाग की भूमिका

धर्म जागरण समन्वय के कार्यकर्ता लगातार इन परिवारों के संपर्क में थे। उन्होंने घरवापसी के लिए परिवारों को जागरूक किया और बताया कि उनके पूर्वजों की परंपरा और संस्कृति से जुड़ना क्यों जरूरी है। उनकी मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप दोनों परिवारों ने घरवापसी का संकल्प लिया।

घरवापसी का विशेष कार्यक्रम

घरवापसी के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और धर्म जागरण के वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान घरवापसी करने वाले लोगों को महाप्रभु श्रीजगन्नाथ जी की तस्वीर और धार्मिक पुस्तकें भेंट की गईं। घरवापसी संस्कार के बाद सभी परिवारों ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वे अब अपनी संस्कृति, देवी-देवताओं और परंपराओं के साथ जीवन बिताएंगे।

भावुक हुए परिवार

घरवापसी करने वाले परिवारों ने कहा कि उन्हें अब शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति हो रही है। सेतक सिंह ने कहा, “हमें वर्षों तक झूठे वादों और भ्रम में रखा गया। लेकिन अब हमें सच्चाई का ज्ञान हुआ है और हम फिर से अपनी जड़ों में लौटकर गौरव महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने जैसे अन्य लोगों को भी घरवापसी के लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग

इस घरवापसी कार्यक्रम में केन्दुझर से सांसद के स्थानीय प्रतिनिधि शिवेंद्र चक्र, धर्म जागरण समन्वय के वरिष्ठ कार्यकर्ता शरत चंद्र स्वाईं, प्रशांत चक्र, प्रशांत बिश्वाल, सामाजिक कार्यकर्ता अंजन बेहेरा, पद्मलोचन जेना और अन्य स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज में एक सकारात्मक बदलाव बताया।