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ओडिशा में चक्रवात का खतरा: हाई अलर्ट जारी

स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी | 

भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के तेजी से अवसाद में बदलने के साथ ही ओडिशा में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार (25 अक्टूबर 2025) को यह जानकारी दी। हालांकि चक्रवात का ओडिशा में सीधा लैंडफॉल होने की संभावना नहीं है, लेकिन राज्य में व्यापक वर्षा और तेज हवाओं का असर पड़ सकता है।

आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अवसाद में बदल गया है। यह पोर्ट ब्लेयर से 420 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और गोपालपुर (ओडिशा) से 1,040 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए 'ऑरेंज' (कार्रवाई के लिए तैयार रहें) और 'येलो' (सतर्क रहें) चेतावनी जारी की है।

मौसम बुलेटिन में कहा गया है कि यह अवसाद पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए रविवार (26 अक्टूबर) तक गहरे अवसाद में बदल सकता है और मंगलवार (28 अक्टूबर) सुबह तक दक्षिण-पश्चिम और निकटवर्ती पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद, यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में आंध्र प्रदेश तट की ओर जा सकता है।

आंध्र प्रदेश पर सबसे ज्यादा असर, ओडिशा में भारी वर्षा की आशंका

भुवनेश्वर मौसम केंद्र के वैज्ञानिक ने बताया कि अवसाद कम दबाव के क्षेत्र के बाद और चक्रवाती तूफान से पहले की स्थिति है। केंद्र की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने कहा कि तटीय आंध्र प्रदेश पर सबसे बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, जबकि ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ तूफान आ सकता है।

चक्रवात के दौरान समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहेगी। इसलिए, मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम और निकटवर्ती मध्य बंगाल की खाड़ी तथा तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश तटों के साथ-साथ 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। ओडिशा तट के साथ 26 से 29 अक्टूबर तक समुद्र में जाना खतरनाक हो सकता है।

ओडिशा तट के साथ 26 अक्टूबर से 35-45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो 28-29 अक्टूबर तक 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

राज्य सरकार की तैयारी: जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन संभावित जिलों जैसे गजपति, कंधमाल, कोरापुट, मलकानगिरी और नव रंगपुर के कलेक्टरों को स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गई है।

उत्तर तमिलनाडु में 26 अक्टूबर से भारी वर्षा की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में नई प्रणाली बनने से और बारिश हो सकती है।

पिछले कुछ दिनों से ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है, जैसा कि पुरी में जलभराव वाली सड़कों पर लोगों के गुजरने की तस्वीरों से जाहिर है। राज्य में चक्रवात के असर से कृषि, परिवहन और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है, लेकिन प्रशासन की तैयारी से नुकसान को कम करने की कोशिश की जा रही है।