स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
ईको पार्क में आयोजित हुआ 'संगीत बिहान'
पटना । कला एवं संस्कृति विभाग तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित 'संगीत बिहान' ने रविवार को प्रकृति और संगीत का एक ऐसा समावेश पेश किया, जिसने परंपरा को सीधे मिट्टी और आम जन से जोड़ दिया।
किसी बंद ऑडिटोरियम के ताम-झाम से दूर, पार्क के प्राकृतिक परिवेश ने इस आयोजन को एक 'ओपन-एयर' कॉन्सर्ट का रूप दे दिया।
बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव महमूद आलम ने मुख्य कलाकार विवेक कुमार शिरोमणी का अभिनंदन किया।
अहीर भैरव से होली की उमंग तक
जैसे ही विवेक कुमार शिरोमणी ने राग अहीर भैरव की बंदिश "अलबेला साजन आयो रे" छेड़ी, योग कर रहे लोगों और जॉगिंग ट्रैक पर दौड़ते युवा भी उसका हिस्सा बने और कार्यक्रम का आनंद लिया।
आध्यात्मिक स्पर्श- राग भैरवी में प्रस्तुत भजन "मैं ना जियूं बिन राम" ने सुबह की शांति को एक अलौकिक गहराई दी।
फागुनी बयार - गायक ने फागुन की दस्तक देते हुए दादरा और "अंखियन डालत अबीर" जैसे होली गीतों से हवा में एक अनूठी ऊर्जा भर दी।







